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सोंग्लुओ चा

Sōngluó chá · 松萝茶

सोंग्लुओ चा (松萝茶, Sōngluó chá) एक ऐतिहासिक हरी चाय है जो आन्हुई प्रांत के शिउनिंग जिले में सोंग्लुओशान पर्वत से आती है, विश्व चाय उत्पादन के इतिहास में इसका एक विशेष स्थान है: यहीं पर मिंग राजवंश के दौरान, बौद्ध भिक्षु "दाफ़ांग हेशांग" (大方和尚, Dàfāng Héshàng — "भिक्षु दाफ़ांग") ने सबसे पहले कड़ाही में उच्च-तापमान भूनने…

सोंग्लुओ चा (松萝茶, Sōngluó chá) एक ऐतिहासिक हरी चाय है जो आन्हुई प्रांत के शिउनिंग जिले में सोंग्लुओशान पर्वत से आती है, विश्व चाय उत्पादन के इतिहास में इसका एक विशेष स्थान है: यहीं पर मिंग राजवंश के दौरान, बौद्ध भिक्षु “दाफ़ांग हेशांग” (大方和尚, Dàfāng Héshàng — “भिक्षु दाफ़ांग”) ने सबसे पहले कड़ाही में उच्च-तापमान भूनने (炒青, chǎoqīng) की तकनीक विकसित की, जिसने प्राचीन भाप विधि (蒸青, zhēngqīng) का स्थान लिया। इस आविष्कार ने चाय उत्पादन में क्रांति ला दी और चीन की सभी बाद की भुनी हुई हरी चायों का आधार बन गया — लोंग जिंग (龙井) से लेकर बिलुओचुन (碧螺春) तक। सोंग्लुओ चा सचमुच भुनी हुई हरी चायों का “पूर्वज” है।

1. वर्गीकरण और उत्पत्ति:

  • प्रकार: हरी चाय (अकिण्वित)। भुनी हुई हरी चायों (炒青绿茶, chǎoqīng lǜchá) में आती है — ऐतिहासिक रूप से चीन में भुनी हुई हरी चाय का पहला प्रकार।

  • श्रेणी: राष्ट्रीय भौगोलिक संकेत संरक्षण उत्पाद (国家地理标志保护产品, 2012)। किंग राजवंश की ऐतिहासिक श्रद्धांजलि चाय (贡茶)। 2024 में “बेल्ट एंड रोड” पहल की भौगोलिक संकेत प्रचार सूची में शामिल।

  • उत्पत्ति: चीन, आन्हुई प्रांत (安徽, Ānhuī), शिउनिंग जिला (休宁县, Xiūníng Xiàn)। भौगोलिक संकेत क्षेत्र जिले के 21 कस्बों और गांवों को कवर करता है, जिनमें हाइयांग (海阳镇), वानआन (万安镇) और क्यूयुनशान (齐云山镇) शामिल हैं।

  • टेरुआर का केंद्र: सोंग्लुओशान पर्वत (松萝山, Sōngluó Shān) — हिमनदीय निक्षेपों (冰碛岩地貌) के क्षेत्र में 600–700 मीटर की ऊंचाई पर प्राथमिक वन क्षेत्र।

  • भौगोलिक निर्देशांक: लगभग 29°46′ उत्तरी अक्षांश, 118°12′ पूर्वी देशांतर।

2. इतिहास और सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: सोंग्लुओ चा उन चंद चायों में से एक है जिनका इतिहास एक विशिष्ट तकनीकी आविष्कार से जुड़ा है, जिसने चीन में चाय उत्पादन की पूरी दिशा बदल दी।

    मिंग राजवंश के होंगझी काल (弘治, 1488–1505) के दौरान, सोंग्लुओशान पर्वत पर रहने वाले बौद्ध भिक्षु दाफ़ांग (大方, Dàfāng) ने लोहे की कड़ाही में ताज़ी चाय की पत्तियों को उच्च तापमान पर भूनने की विधि विकसित की — चाओकिंग (炒青)। इससे पहले, सदियों तक चीन में तांग और सोंग राजवंशों से विरासत में मिली भाप विधि (蒸青, zhēngqīng) का अविभाजित प्रभुत्व था। भूनना एक तकनीकी सफलता साबित हुई: इसने अधिक स्थायी सुगंध, बेहतर संरक्षण और स्वादों का अधिक विविध पैलेट प्रदान किया। सोंग्लुओ पर्वत से “चाओकिंग” तकनीक पूरे आन्हुई प्रांत और फिर पूरे चीन में फैल गई, जो लोंग जिंग, बिलुओचुन, माओ फ़ेंग और दर्जनों अन्य चायों के उत्पादन का आधार बन गई।

    मिंग लेखक फ़ेंग शीके (冯时可, Féng Shíkě) ने “चाय पर नोट्स” (茶录, Chálù) में उल्लेख किया: “पुराने समय में हुईज़ोऊ जिले में चाय बिल्कुल नहीं थी; हाल ही में सोंग्लुओ चाय आई है और यह सबसे फैशनेबल बन गई” (徽郡向无茶,近出松萝茶最为时尚)। कवि झेंग बानक्याओ (郑板桥, Zhèng Bǎnqiáo) ने चाय को एक कविता समर्पित की: “ताज़ी चाय का एक बर्तन — मैं सोंग्लुओ बना रहा हूँ” (一壶新茗泡松萝)।

    किंग राजवंश में, सोंग्लुओ चा “गोंगचा” (贡茶) — शाही श्रद्धांजलि चाय बन गई। 1745 में, चाय को स्वीडिश व्यापारिक जहाज “गोटेबोर्ग” (哥德堡号, Gēdébǎo Hào) पर समुद्र पार ले जाया गया — यह यूरोप में चीनी हरी चाय की पहली दस्तावेजी उपस्थितियों में से एक है।

    2012 में, सोंग्लुओ चा को राष्ट्रीय भौगोलिक संकेत संरक्षण प्राप्त हुआ। 2024 में इसे “बेल्ट एंड रोड” पहल की भौगोलिक संकेत प्रचार सूची में शामिल किया गया — अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक प्रतीकात्मक वापसी।

  • नाम:

    • “सोंग्लुओ” (松萝) — “चीड़ की लताएँ” (या “चीड़ और अमरबेल”): चीड़ और लताओं से ढके पर्वत के परिदृश्य का काव्यात्मक वर्णन।
    • “चा” (茶) — “चाय”।
  • सांस्कृतिक महत्व: सोंग्लुओ चा विश्व चाय इतिहास में एक “द्विभाजन बिंदु” है: सोंग्लुओ पर्वत पर भूनने की तकनीक के आविष्कार ने चाय के इतिहास को “पहले” (भाप युग) और “बाद” (भूनने का युग) में विभाजित कर दिया। सोंग्लुओ चा के बिना, कोई लोंग जिंग, बिलुओचुन, माओ फ़ेंग नहीं होते — चीनी हरी चायों का पूरा आधुनिक पैलेट। यह चाय इस बात का जीवंत प्रमाण है कि आन्हुई की एक पर्वत ढलान पर एक भिक्षु के नवाचार ने पूरी सभ्यता के स्वाद को कैसे बदल दिया।

3. वानस्पतिक विवरण और कच्चा माल:

  • किस्म / कल्टीवार: मुख्य कल्टीवार — सोंग्लुओ झोंग (松萝种, Sōngluó Zhǒng)Camellia sinensis var. sinensis का स्थानीय देशी छोटी पत्ती वाला बीज-प्रवर्धित किस्म। इसकी विशेषता बड़ी, मांसल पत्तियाँ, मजबूत कोंपलें और प्रचुर रोम हैं। इसके अतिरिक्त झुएकीझोंग (槠叶齐, Zhūyèqí) और हुआंगशान दायेझोंग (黄山大叶种) का उपयोग किया जाता है — मध्यम-पत्ती और बड़ी-पत्ती वाली किस्में, जो भुनी हुई हरी चाय के उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं।

  • तुड़ाई: शुरुआती वसंत तुड़ाई। उच्चतम श्रेणी (特级) के लिए — पूर्ण कलियाँ या एक कली और एक पत्ती। प्रथम श्रेणी के लिए — एक कली और दो पत्तियाँ खुलने की प्रारंभिक अवस्था में। द्वितीय श्रेणी के लिए — एक कली और दो खुली हुई पत्तियाँ।

  • कच्चे माल की आवश्यकताएँ: कोमल, एकसमान कोंपलें, ताज़ी और अक्षत। प्रसंस्करण — तुड़ाई के दिन ही।

4. टेरुआर और उत्पादन की विशेषताएँ:

  • उत्पादन ऊंचाई: समुद्र तल से 600–800 मीटर ऊपर। केंद्र — सोंग्लुओशान पर्वत पर प्राथमिक वन क्षेत्र।

  • जलवायु: औसत वार्षिक तापमान — 16–18°C, वार्षिक वर्षा — 1500–2000 मिमी, सापेक्ष आर्द्रता — 78% से अधिक। साल भर बादल छाए रहते हैं और प्रकीर्णित प्रकाश रहता है। वनाच्छादन — 60% से अधिक।

  • मिट्टी: एक अनूठी विशेषता — हिमनदीय निक्षेपों (冰碛岩, bīngjī yán) पर बनी मिट्टी। ये “गहरी रेतीली” मिट्टी (乌沙土, wūshā tǔ) जिनका pH 4.5–6.5 है, सेलेनियम (硒, xī) और अन्य सूक्ष्म तत्वों से समृद्ध हैं। कार्बनिक पदार्थ की मात्रा — 1.0% से कम नहीं। हिमनदीय मिट्टी — एक भूगर्भीय दुर्लभता, जो चाय को एक अद्वितीय खनिज प्रोफ़ाइल प्रदान करती है।

  • पारिस्थितिकी तंत्र: सोंग्लुओशान पर्वत प्राथमिक वन से घिरा है। चाय बागान प्राकृतिक वन पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत हैं, बिना औद्योगिक प्रदूषण के।

5. उत्पादन तकनीक:

सोंग्लुओ चा की तकनीक भिक्षु दाफ़ांग के आविष्कार की प्रत्यक्ष विरासत है। इसका आधार — 220–280°C पर उच्च-तापमान भूनना (杀青), जो अधिकांश आधुनिक हरी चायों की तुलना में काफी अधिक है। यह सोंग्लुओ शैली की “सिग्नेचर” विशेषता है।

  • तुड़ाई (采摘 — cǎi zhāi): कोमल कोंपलों की हस्त-वसंत तुड़ाई।

  • फैलाना और मुरझाना (摊放 — tānfàng): कच्चे माल को संक्षिप्त मुरझाने के लिए पारंपरिक बांस के बर्तनों में फैलाया जाता है।

  • “हरियाली को मारना” / स्थिरीकरण (杀青 — shāqīng): 220–280°C पर उच्च-तापमान भूनना — एक महत्वपूर्ण चरण, जो सुगंध को “लॉक” करता है (锁香, suǒxiāng)। यह अत्यधिक उच्च तापमान ही सोंग्लुओ चा की विशिष्ट गहरी, “भुनी हुई” सुगंध का निर्माण करता है।

  • मरोड़ना (揉捻 — róuniǎn): चाय की पत्तियों को आकार देना, कोशिकीय रस निकालना।

  • नम अर्ध-तैयार उत्पाद को भूनना (滚/炒湿胚 — gǔn / chǎo shī pēi): संरचना को सघन करने के लिए अतिरिक्त भूनना।

  • छानना और ठंडा करना (分筛摊晾 — fēnshāi tānliáng): अंशों को अलग करना और मध्यवर्ती ठंडा करना।

  • अंतिम सुखाना (足干 — zúgān): स्थिर अवस्था में लाना।

  • सुगंध खोलना (提香 — tíxiāng): 110–120°C पर धीमी आंच पर अंतिम तापन — सतह पर सफ़ेद रोमों को “खींचना” और सुगंध को स्थिर करना।

6. संवेदी विशेषताएँ:

  • सूखी पत्ती का बाहरी रूप: सघन, कसकर मरोड़ी हुई कोंपलें (条索紧卷匀壮), तैलीय चमक के साथ गहरे हरे रंग की (绿润油亮)। उच्चतम श्रेणियों में — प्रचुर सुनहरे रोम (金毫显露)। आकार — क्लासिक “पट्टीदार” (条索形), बिना चपटे या दानेदार आकार के। विविधताएँ: पट्टीदार (条形), सुई जैसी (针形), मरोड़ी हुई (卷曲形)।

  • सूखी पत्ती की सुगंध: ऊँची, स्थायी, “भुनी हुई” (高爽香, gāoshuǎng xiāng)। सोंग्लुओ चा के लिए अद्वितीय जैतून की सुगंध (橄榄香, gǎnlǎn xiāng) — उच्च-तापमान भूनने से एक विशिष्ट “धुँआ” जैसी सुगंध, जो जैतून की याद दिलाती है। ऑर्किड की सुगंध (兰花香) सुई जैसी किस्मों में स्पष्ट होती है।

  • अर्क की सुगंध: समृद्ध, गहरी, जैतून की प्रमुखता के साथ। ऑर्किड और चेस्टनट के अधिस्वर। खाली कप में अवशिष्ट सुगंध (冷杯留香) 30 मिनट से अधिक बनी रहती है — यह गुणवत्ता का चिह्न माना जाता है।

  • स्वाद: सघन और समृद्ध (浓厚, nónghòu) — पॉलीफेनॉल की मात्रा ≥25% एक शक्तिशाली “बॉडी” सुनिश्चित करती है। मीठा और कोमल (甘醇, gānchún) — स्पष्ट लौटती हुई मिठास। हल्की शीतलता का अहसास (微带清凉感) — इसे मिट्टी में सेलेनियम की उपस्थिति से जोड़ा जाता है।

  • अर्क का रंग: चमकीला हरा, स्वच्छ और पारदर्शी (鲜绿明亮)। मरोड़ी हुई किस्मों में — अधिक गहरा।

  • चाय का तल (भीगी हुई पत्ती): कोमल, लचीली कोंपलें, एकसमान हरे रंग की। पत्ती साबुत, बिना क्षति के।

7. रासायनिक संरचना:

सेलेनियम-समृद्ध हिमनदीय मिट्टी और उच्च-तापमान भूनना एक अद्वितीय प्रोफ़ाइल बनाते हैं:

  • पॉलीफेनॉल (कैटेचिन): मात्रा — शुष्क भार का ≥25% — हरी चायों के औसत से अधिक। शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट क्षमता और स्पष्ट स्वाद संरचना प्रदान करता है।

  • अमीनो अम्ल (एल-थियेनिन सहित): मात्रा मिठास और कोमलता बनाने के लिए पर्याप्त है, जो उच्च पॉलीफेनॉल सामग्री को संतुलित करती है।

  • एल्कलॉइड: कैफीन — पर्याप्त मात्रा में। स्पष्ट टॉनिक प्रभाव प्रदान करता है।

  • थियाफ्लेविन (茶黄素, chá huángsù): ध्यान देने योग्य मात्रा में मौजूद — कोलेस्ट्रॉल स्तर के नियंत्रण में योगदान करते हैं।

  • सेलेनियम (硒, xī): बढ़ी हुई मात्रा — सेलेनियम युक्त हिमनदीय मिट्टी पर उत्पादन का परिणाम। सेलेनियम एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और प्रतिरक्षा न्यूनाधिक है।

  • विटामिन: विटामिन C, B समूह के विटामिन।

  • खनिज: पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक, मैंगनीज, लोहा, फ्लोरीन, सेलेनियम।

8. लाभकारी गुण:

  • पाचन में सुधार (消食): पॉलीफेनॉल वसा के विघटन को उत्तेजित करते हैं, शोध आंकड़ों के अनुसार, औसत हरी चाय की तुलना में दोगुनी दक्षता के साथ।

  • लिपिड प्रोफ़ाइल का नियंत्रण (去肥腻): थियाफ्लेविन कोलेस्ट्रॉल संश्लेषण को दबाते हैं।

  • हृदय प्रणाली का समर्थन (降三高): कैटेचिन रक्त वाहिकाओं की लोच को मजबूत करते हैं, रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य करने में योगदान करते हैं।

  • एंटीऑक्सीडेंट क्रिया: पॉलीफेनॉल और सेलेनियम की उच्च मात्रा ऑक्सीडेटिव तनाव से शक्तिशाली सुरक्षा प्रदान करती है।

  • टॉनिक प्रभाव: कैफीन स्फूर्ति और एकाग्रता प्रदान करता है।

  • महत्वपूर्ण: उपरोक्त गुण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं और चिकित्सकीय सलाह नहीं हैं।

9. बनाने की विधि:

  • पानी का तापमान: 80–90°C (उबलता पानी, ~2 मिनट ठंडा किया हुआ)।

  • चाय की मात्रा: 3 ग्राम प्रति 150 मिली पानी (अनुपात 1:50)।

  • बर्तन: कांच का गिलास या सफ़ेद चीनी मिट्टी का गाइवान।

  • प्रक्रिया:

    1. बर्तन को गर्म पानी से गर्म करें, पानी फेंक दें।
    2. चाय डालें, 1/3 पानी भरें, हिलाएँ — “सुगंध खोलें” (摇香)।
    3. पानी को मात्रा के 7/10 तक भरें।
    4. 1–2 मिनट तक भिगोएँ।
    5. चाय 3 पूर्ण बार बनाई जा सकती है।
  • नोट: ताज़ी खरीदी गई सोंग्लुओ चा को लगभग एक महीने तक रखने की सलाह दी जाती है — इस दौरान उच्च-तापमान भूनने का “आग जैसा” स्वाद गायब हो जाता है, और विशिष्ट जैतून की सुगंध नरम और सामंजस्यपूर्ण हो जाती है। खाली कप में 30 मिनट से अधिक अवशिष्ट सुगंध (冷杯留香) — प्रामाणिकता और गुणवत्ता का चिह्न है।

10. भंडारण:

  • वायुरोधी बर्तन में, अंधेरी, सूखी और ठंडी जगह पर रखें।
  • इष्टतम तापमान — 0–5°C (रेफ्रिजरेटर), वायुरोधी पैकेजिंग में।
  • शेल्फ जीवन — शर्तों के पालन पर 12–18 महीने तक।
  • खोलने के बाद — 1–2 महीनों के भीतर उपयोग करें।

11. मूल्य और नकली से बचाव:

सोंग्लुओ चा — शिउनिंग जिले के 21 कस्बों से सीमित उत्पादन वाली चाय है। टेरुआर का केंद्र — सोंग्लुओशान पर्वत के प्राथमिक वन का संकीर्ण क्षेत्र, जो सर्वोत्तम बैचों की मात्रा को और सीमित करता है।

मूल्य दिशानिर्देश: उच्चतम श्रेणी (特级) — 800 युआन प्रति जिन (500 ग्राम) और उससे ऊपर; प्रथम और द्वितीय श्रेणी — काफी सस्ती।

  • नकली से कैसे बचें:

    • प्रमाणित विक्रेताओं से खरीदें जिनके पास शिउनिंग जिले का भौगोलिक संकेत चिह्न हो।
    • सुगंध का मूल्यांकन करें: विशिष्ट जैतून की सुगंध — सोंग्लुओ चा का “ट्रेडमार्क”। जैतून के स्वर की अनुपस्थिति और “कैरामेल” गंध की उपस्थिति निम्न गुणवत्ता का संकेत है।
    • “ठंडे कप” की जाँच करें: खाली कप में अवशिष्ट सुगंध 30 मिनट से अधिक बनी रहनी चाहिए। तेजी से वाष्पीकरण — संदेह का कारण।
    • बाहरी रूप का मूल्यांकन करें: तैलीय चमक के साथ सघन, कसकर मरोड़ी हुई कोंपलें। ढीली, फीकी पत्ती — नकली का संकेत।
    • मूल्य पर ध्यान दें: संदिग्ध रूप से कम कीमत — नकली का निश्चित संकेत।

12. रोचक तथ्य:

  • सोंग्लुओशान पर्वत के भिक्षु दाफ़ांग — “चाओकिंग” (炒青, कड़ाही में हरियाली भूनना) तकनीक के आविष्कारक। मिंग युग का यह आविष्कार चाय उत्पादन के इतिहास में इसकी शुरुआत के बाद सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार बन गया, जिसने चीन की सभी आधुनिक भुनी हुई हरी चायों की नींव रखी।

  • 1745 में, सोंग्लुओ चा को स्वीडिश व्यापारिक जहाज “गोटेबोर्ग” (哥德堡号) पर दो महासागरों के पार ले जाया गया — यह यूरोप में चीनी हरी चाय की एक विशिष्ट किस्म की पहली दस्तावेजी उपस्थितियों में से एक है। जहाज स्वीडन के तट पर डूब गया, लेकिन कुछ माल बचा लिया गया — और चाय फिर भी यूरोपीय उपभोक्ताओं तक पहुँची।

  • कवि झेंग बानक्याओ (郑板桥, 1693–1766) — “यांग्ज़ोउ के आठ सनकियों” में से एक, सुलेखक और चित्रकार — ने अपनी कविताओं में सोंग्लुओ चा का गुणगान किया: “ताज़ी चाय का एक बर्तन — मैं सोंग्लुओ बना रहा हूँ” (一壶新茗泡松萝)।

  • सोंग्लुओशान पर्वत की हिमनदीय मिट्टी (冰碛岩) — करोड़ों वर्ष पुरानी एक भूगर्भीय दुर्लभता। इन मिट्टी में मौजूद सेलेनियम प्राकृतिक रूप से चाय की पत्ती को समृद्ध करता है, जो स्वाद में विशिष्ट शीतलता की अनुभूति के रूप में प्रकट होता है।

  • 2024 में सोंग्लुओ चा का “बेल्ट एंड रोड” सूची में शामिल होना — उन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर चाय की प्रतीकात्मक वापसी है, जिन पर यह 18वीं शताब्दी में पहले से ही चलती थी।

13. आन्हुई प्रांत की अन्य ऐतिहासिक हरी चायों से तुलना:

  • हुआंगशान माओ फ़ेंग (黄山毛峰): “गौरैया की जीभ” के आकार वाली भूनकर सुखाई गई (烘青) चाय। माओ फ़ेंग — अधिक कोमल और पुष्पीय; सोंग्लुओ चा — अधिक सघन, स्पष्ट जैतून की सुगंध और उच्च पॉलीफेनॉल सामग्री के साथ।

  • लिउआन गुआ पियान (六安瓜片): बिना कलियों की शुद्ध पत्तियों से बने चपटे “कद्दू के बीज”। गुआ पियान — अधिक घास जैसा; सोंग्लुओ चा — अधिक “भुना हुआ” और खनिजयुक्त।

  • योंगसी हुओ किंग (涌溪火青): जिंगशियान जिले की मोती चाय। हुओ किंग — दानेदार, खुबानी जैसे अर्क के साथ; सोंग्लुओ चा — मरोड़ी हुई, जैतून की सुगंध के साथ।

  • तोंगचेंग शियाओ हुआ (桐城小花): तोंगचेंग जिले से। हल्की, पुष्पीय, नाज़ुक। सोंग्लुओ चा — काफी अधिक शक्तिशाली और समृद्ध।

निष्कर्षतः:

सोंग्लुओ चा एक अग्रणी चाय है, एक क्रांतिकारी चाय। जब भिक्षु दाफ़ांग ने सोंग्लुओशान पर्वत पर प्राचीन रिवाज के अनुसार भाप देने के बजाय ताज़ी चाय की पत्तियों को गर्म कड़ाही में डाला, तो उन्होंने केवल एक नया स्वाद नहीं बनाया — उन्होंने एक पूरी संस्कृति की दिशा बदल दी। इस भाव के बिना, न तो लोंग जिंग की चेस्टनट सुगंध होती, न बिलुओचुन के फलों जैसे घुमाव, न ही योंगसी हुओ किंग के सुनहरे मोती। आज का सोंग्लुओ चा — सघन, जैतूनी, खनिजयुक्त, सेलेनियम की शीतलता और खाली कप में तीस मिनट की अनुगूँज के साथ — यह केवल एक पेय नहीं है, बल्कि उस आविष्कार के प्रति श्रद्धांजलि है, जिसके कारण हम पूरे चीन की हरी चाय का स्वाद ले पाते हैं।

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