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फेंगकाई होंगचा

Fēngkāi hóngchá · 封开红茶

बाइमा पहाड़ के चाय के इतिहास सदियन पुरान बा। किंग राजवंश (दाओगुआंग काल, 道光, 1821–1850) के "फेंगचुआन काउंटी के इतिहास" (《封川縣志》) में लिखल बा: "बाइमा पहाड़ चाय पैदा करेला; रंग लाल, स्वाद सुगंधित" (白馬山產茶,色紅味香)। ओहिजा "वेंचा" (文茶) के बारे में बतावल गइल बा — शियाओजियांग नदी (小江) पर बसल वेंडे गाँव (文德) के चाय, जवन 19वीं सदी…

फेंगकाई होंगचा — चीन के गुआंगदोंग प्रांत (廣東省) के झाओकिंग शहर (肇慶市) के फेंगकाई काउंटी (封開縣) के एगो लाल चाय ह। एह शृंखला के मुख्य आधार प्रसिद्ध “शिंगहुआ बाइमा चा” (杏花白馬茶, “शिंगहुआ के सफेद घोड़ा चाय”) ह — एगो ऐतिहासिक चाय, जवन शिंगहुआ कस्बा (杏花鎮) में बाइमा पहाड़ (白馬山, 944 मी) के ढाल पर पैदा होला। “फेंगचुआन काउंटी के इतिहास” (《封川縣志》) के अनुसार, बाइमा पहाड़ के चाय किंग राजवंश के समय में दरबार में भेजल जात रहे, आ 1908 (光緒三十四年, गुआंगशु के 34वाँ साल) में एकर खेप पनामा प्रदर्शनी में भेजल गइल रहे, जहाँ एकरा “दोसर दर्जा के उत्पाद” (二等名產) के पदवी मिलल। आधुनिक फेंगकाई होंगचा एह परंपरा के पुनर्जीवन क उत्पाद ह: 2015 से उद्यमी शिए हानझाओ (謝漢釗) “शिंगहुआ बाइमा” (杏花白馬®) ब्रांड के विकास करत बाड़न, बाइमा-कच्चा माल से लाल, हरियर आ सफेद चाय बनावे वाली एह क्षेत्र के पहिला स्वचालित उत्पादन लाइन बनवले बाड़न।


1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: लाल चाय (紅茶, hóngchá), पूरा तरह से ऑक्सीकृत। तकनीक के हिसाब से — गोंगफू होंगचा, जेह में अनोखा स्थानीय प्रसंस्करण के तत्व (खास रूप से अपनावल गइल स्वचालित लाइन, जवन परंपरागत हाथ के तकनीक के मशीनीकरण के साथ जोड़ेला) बा।
  • वर्ग: क्षेत्रीय गुआंगदोंग लाल चाय। पच्छिम गुआंगदोंग के शीजियांग नदी (西江) बेसिन के चाय परिवार से संबंधित बा।
  • उत्पत्ति: चीन, गुआंगदोंग प्रांत (廣東省), झाओकिंग शहर (肇慶市), फेंगकाई काउंटी (封開縣)। उत्पादन के केंद्र — शिंगहुआ कस्बा (杏花鎮): बाइमा पहाड़ (白馬山, सबसे ऊँच बिंदु 944 मी), योंगहे (永和村) आ फेंगलोउ (鳳樓村) गाँव। एकरे अलावा — हे-अर-कौ (河兒口鎮), बाइगोउ (白垢鎮), दाझोउ (大洲鎮), दुपिंग (都平鎮), चांग-आन (長安鎮)।
  • भूगोलीय निर्देशांक: लगभग 23°26′ उत्तर अक्षांश, 111°31′ पूरब देशांतर।
  • वैकल्पिक नाँव: शिंगहुआ बाइमा होंगचा (杏花白馬紅茶); फेंगकाई बाइमा चा (封開白馬茶 — सामान्य नाँव, जेह में बाइमा पहाड़ के हरियर, लाल आ सफेद चाय शामिल बा)।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

बाइमा पहाड़ के चाय के इतिहास सदियन पुरान बा। किंग राजवंश (दाओगुआंग काल, 道光, 1821–1850) के “फेंगचुआन काउंटी के इतिहास” (《封川縣志》) में लिखल बा: “बाइमा पहाड़ चाय पैदा करेला; रंग लाल, स्वाद सुगंधित” (白馬山產茶,色紅味香)। ओहिजा “वेंचा” (文茶) के बारे में बतावल गइल बा — शियाओजियांग नदी (小江) पर बसल वेंडे गाँव (文德) के चाय, जवन 19वीं सदी के पहिला आधा हिस्सा में पहिलहीं स्थानीय चाय सभ के विविधता के गवाही देला। किंवदंती अनुसार, किंग राजवंश में बाइमा-चाय के सम्राट के दरबार में श्रद्धांजलि (貢品) के रूप में भेजल जात रहे।

एगो प्रमुख ऐतिहासिक तारीख — 1908 (गुआंगशु के शासन के 34वाँ साल): शिंगहुआ कस्बा, बाइमा पहाड़ के चाय के एगो खेप के किंग दरबार के फैसला से एगो अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी (प्रायः पनामा वाली) में भेजल गइल, जहाँ एकरा “दोसर दर्जा के उत्पाद” (二等名產之稱) के पदवी मिलल।

1968–1969 में बाइमा पहाड़ (ऊँचाई ~900 मी) पर राज्य चाय बागान “झाओकिंग फेंगकाई बाइमा चाचांग” (肇慶封開白馬茶場) के स्थापना भइल। ओह समय लगावल गइल पेड़ आज 50 साल से ढेर पुरान बाड़ें, जवन कच्चा माल के अउरी गहराई आ मूल्य देवेला। ई “बुजुर्ग” झाड़ पच्छिम गुआंगदोंग के कुछ सबसे पुरान सांस्कृतिक चाय पौधा हवें; इनकर जड़ प्रणाली ग्रेनाइट चट्टान में गहिराई ले घुसल बा, जवन नया पौधा सभ के ना मिले वाला सूक्ष्म तत्व निकालेला। एह पेड़न के कच्चा माल नया बागान सभ से काफी अलग होला: शोरबा घनवाँ, “खनिजीय” होला, आ बाद के स्वाद — लमहर आ गहिर।

राज्य बागान के स्थापना के बाद दशकन तक बाइमा-चाय मुख्य रूप से हरियर चाय के रूप में पैदा होखे आ बिना पैकेजिंग आ ब्रांड के स्थानीय बाजार में बेचल जाव। “शिंगहुआ बाइमा” के संस्थापक शिए हानझाओ के शब्दन में: “चाय के नाम रहे, बाकिर चेहरा ना रहे” (有品名而無品牌)। स्थिति 2010 के दशक में बदले लागल।

आधुनिक दौर 2014–2016 में शुरू भइल, जब शिए हानझाओ (謝漢釗) — फेंगकाई के निवासी आ चाय के शौकीन — 350 म्यू (≈23 हेक्टेयर) में एगो आदर्श बागान योंगहे गाँव (永和村) में बनावे खातिर आ 10 म्यू में बढ़िया पौध तइयार करे खातिर नर्सरी बनावे खातिर 7 मिलियन युआन से ढेर के निवेश कइलें। 2016 में उ ब्रांड “शिंगहुआ बाइमा” (杏花白馬®) पंजीकृत कइलें, अपना उद्यम के खुद के मानक विकसित कइलें आ एगो अनोखा स्वचालित लाइन बनववलें, जवन लाल, हरियर आ सफेद चाय खातिर रोज 300 किलो ताजा पत्ता संसाधित क सके। ई लाइन बाइमा-चाय बनावे के परंपरागत हाथ के तकनीक के मशीनीकरण से जोड़ेला, जवन क्षेत्र खातिर एगो तकनीकी सफलता बनल।

2020 तक काउंटी के चाय बगीचा के कुल क्षेत्रफल ~4,100 म्यू तक पहुँच गइल, जेह में से ~1,950 म्यू — शिंगहुआ कस्बा (कुल क्षेत्र के 48%) में बा। माओचा के सालाना मात्रा — ~225 टन, उत्पाद के मूल्य — ~67.5 मिलियन युआन। ब्रांड दू गो अउरी कंपनी सभ के निवेश आकर्षित कइलस: “सेनचोंग चाये” (森沖茶業) फेंगलोउ गाँव (鳳樓村) में 350 म्यू बागान में 6 मिलियन युआन लगवलस; “चुन्यु चाये” (春葉茶業) आ “शियोंगफेंग चाये” (雄豐茶業) मिल के शुआंगलियान (雙聯村) आ फुलिउ (扶六村, बाइगोउ कस्बा) में 900 म्यू बागान में 18 मिलियन युआन के निवेश कइलें। “कंपनी + आधार + किसान” (公司+基地+農戶) मॉडल छोट खेतन से ताजा पत्ता के खरीद सुनिश्चित करेला, बिक्री के जोखिम कम करेला।

सांस्कृतिक महत्व: बाइमा-चा — प्रसिद्ध शिंगहुआ मुर्गी (杏花雞, राष्ट्रीय भौगोलिक संकेत उत्पाद) आ बड़हन चित्तीदार पाथर (大斑石, चीन के सबसे बड़ ग्रेनाइट एकाश्म) के साथे फेंगकाई के “हरियर पहचान पत्रिका” ह। चाय परंपरा के पुनर्जीवन के “अमूर्त विरासत + ग्रामीण नवीनीकरण” (非遺 + 鄉村振興) के मॉडल के रूप में देखल जाला। फेंगकाई — “गुआंगशिन” (廣信) के जन्मस्थानी भी ह, एगो प्राचीन शहर, जवन एगो मत के अनुसार पूरा गुआंगदोंग प्रांत (廣東 — “गुआंगशिन से पूरब”) के नाँव दिहलस। ई दू हजार साल पुरान प्रशासनिक इतिहास स्थानीय चाय के अउरी सांस्कृतिक महत्व देवेला। झाओकिंग, जवना में फेंगकाई पड़ेला, भौगोलिक संकेत उत्पाद सभ के संख्या में गुआंगदोंग में पहिला स्थान पर बा (2025 ले 49 GI)।


3. वानस्पतिक विवरण आ कच्चा माल:

  • मुख्य कल्टीवार: छोट पत्ता आ मध्यम पत्ता वाला प्रकार (Camellia sinensis var. sinensis) के स्थानीय प्रजाति, जवन ऐतिहासिक रूप से बाइमा पहाड़ पर उपजावल जात रहे। नया बागान खातिर खुद के नर्सरी से चुनल आ अनुकूलन परीक्षण से गुजरल बढ़िया पौध के इस्तेमाल होला। कुछ खेतन में युन्नान के बड़ पत्ता वाली आ अउरी बाहरी किसिम भी इस्तेमाल होला।
  • रोपाई के उमिर: 1968-69 के राज्य बागान के पेड़ — 55+ साल; 2014–2020 के नया रोपाई — 5–12 साल।
  • तोड़ाई: बसंत (मार्च–अप्रैल) — सबसे बढ़िया ग्रेड। गर्मी आ शरद — मानक।
  • तोड़ाई के मानक: बढ़िया खेप खातिर एक कलमा के साथे एक-दू गो पत्ता; मानक खातिर — एक कलमा के साथे दू-तीन गो पत्ता।

4. टेरवार आ उपजावे के खासियत:

  • भू-आकृति: शिंगहुआ कस्बा फेंगकाई के मध्य-दक्खिन हिस्सा में, गुआंगशिन नदी (廣信河, शीजियांग के सहायक) के घाटी में, पहाड़न से घेराइल बा। भू-आकृति — घाटी वाली, “चारो ओर ऊँच, बीच में निचाई”। बाइमा पहाड़ — कस्बा के दक्खिन-पूरबी हिस्सा में, सबसे ऊँच बिंदु 944 मी।
  • उपजावे के ऊँचाई: 700–944 मी (केंद्र क्षेत्र); नया बागान — 300 मी से।
  • जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी नम। औसत सालाना तापमान ~20°C (घाटी में ~21.5°C)। वर्षा — 1,400–1,800 मिमी/साल। अधिकतम तापमान — 39°C, न्यूनतम — 2°C। बाइमा पहाड़ पर 700–900 मी के ऊँचाई पर — अक्सर सबेरे कोहरा, कम धूप, दिन/रात के तापमान में काफी अंतर — अइसन स्थिति जवन सुगंधित पदार्थ आ अमीनो एसिड के जमाव में मदद करेला।
  • माटी: अम्लीय (pH 5.0–6.0), ग्रेनाइट आधार पर लाल आ पीयर पहाड़ी माटी। बाइमा पहाड़ — क्षेत्र के सबसे बड़ ग्रेनाइट भंडार (भूवैज्ञानिक भंडार ~100 मिलियन m³), एकर खनिज संरचना माटी के सूक्ष्म तत्वन से समृद्ध करेला।
  • पारिस्थितिकी: इलाका में जैविक उत्पादकता ढेर बा: 300 से अधिका जंगली जीव, 700+ प्रजाति के जंगली पौधा। जंगल के क्षेत्रफल ढेर बा। चाय बगीचा उद्योग से दूर पर्यावरणीय रूप से स्वच्छ इलाका में स्थित बाड़ें। नया बागान स्वचालित सिंचाई प्रणाली, जलग्रहण बेसिन, कीटनिरोधी यंत्र आ पक्की पहुँच मार्ग से सुसज्जित बाड़ें — बुनियादी ढाँचा जवन पच्छिम गुआंगदोंग के अधिकांश पहाड़ी चाय खेतन से बेहतर बा।
  • बाइमा पहाड़ के माइक्रोक्लाइमेट: 700–944 मी के ऊँचाई पर एगो खास माइक्रोक्लाइमेट बनेला: सबेरे के कोहरा सुबेर 10–11 बजे ले ढाल के ढक लेला, बिखराइल रोशनी पैदा करेला; रात के तापमान घाटी से 5–8°C कम होला। ई स्थिति अंकुर के बढ़ती धीमा कर देला, जेकरा से ओहमें अमीनो एसिड (मिठास) आ सुगंधित यौगिक के मात्रा पॉलीफेनोल (कड़वाहट) के तुलना में बढ़ जाला। परिणाम — एगो अइसन चाय जेह में प्राकृतिक मिठास आ “शुद्ध पहाड़ी आत्मा” (山野清香) होला, जवन एकरा मैदानी गुआंगदोंग लाल चाय सभ से अलग करेला।
  • मौसमी: बसंत तोड़ाई (春茶) — सबसे बढ़िया ग्रेड: कोमल, सुगंधित, मीठ। गर्मी के (夏茶) — ढेर घनवाँ, हल्का कसैलाहट के साथ। शरद के (秋茶) — “शहद जइसन”, हल्का स्वाद वाला।

5. उत्पादन तकनीक:

  • तोड़ाई (采摘): हाथ से, एक कलमा + एक-दू गो पत्ता।
  • मुरझाव (萎凋): 10–16 घंटा, प्राकृतिक या घर में। पत्ता नरम हो जाला, हल्का फल जइसन सुगंध आवेला।
  • लपेटाई (揉捻): स्वचालित लाइन पर — नियंत्रित तीव्रता। घन, लचीली चाय के पत्ती (壯實) बनेला।
  • फर्मेंटेशन / ऑक्सीकरण (發酵): 3–5 घंटा, नियंत्रित तापमान आ नमी पर। पूरा फर्मेंटेशन।
  • सुखाई (烘乾): चरणबद्ध — पहिले ऊँच तापमान पर (स्थिरीकरण), फिर अंतिम कम तापमान पर (सुगंध के स्थिर करे खातिर)।
  • छँटाई (分級): आकार, टिप्स के मौजूदगी आ गुणवत्ता के हिसाब से।
  • खासियत: “शिंगहुआ बाइमा” लाइन — क्षेत्र के एकमात्र, जवन बाइमा-चाय के परंपरागत प्रसंस्करण के सब चरण के एक साथ मशीनीकरण के साथ संरक्षित करे खातिर खास डिजाइन कइल गइल बा; एकर डिजाइन इंजीनियर आ हाथ के चाय बनावे वाला मास्टर लोग के छह महीना के संयुक्त काम से बनल।

6. ऑर्गेनोलेप्टिक विशेषता:

  • सूखा पत्ता के बाहरी रूप: घन, लचीली, लपेटल चाय के पत्ती (壯實), गहरा भूअर से करिया, तेलिया चमक के साथे। बढ़िया ग्रेड में — साफ दिखाई देवे वाला सोनहर टिप्स।
  • सूखा पत्ता के सुगंध: मीठ, शहद-फल जइसन, हल्का “जंगली” नोट के साथ, जवन बाइमा के पहाड़ी टेरवार के दर्शावेला।
  • शोरबा के सुगंध: टिकाऊ, बहुपरती। शहद, सूखा मेवा, हल्का फूल जइसन। “शुद्ध पहाड़ी आत्मा” (山野清香) खास बा — ऊँचाई पर उपज आ पारिस्थितिक शुद्धता के परिणाम।
  • स्वाद: भरपूर आ कोमल-मीठ (濃醇甘甜), ताजा “जीवित” रसीलापन (鮮活) आ लमहर हुई गान (回甘持久) के साथ। काया — मध्यम से ले के पूर्ण। कसैलाहट कोमल, जल्दी मिठास में बदल जाला।
  • शोरबा के रंग: चटक लाल, पारदर्शी, चमकदार (紅艷透亮)। सबसे बढ़िया खेप में — किनारे पर “सोने के छल्ला” के साथ।
  • चाय के पेंदी: लाल-तामहर, लचीली, पूरा पत्ती।

7. रासायनिक संरचना:

  • पॉलीफेनोल: शुष्क वजन के 14–18%। मध्यम स्तर, कोमलता सुनिश्चित करेला।
  • अमीनो एसिड: 3–4% — बढ़ल स्तर, मिठास आ “उमामी” बनावेला। पहाड़ी टेरवार (कोहरा, बिखराइल रोशनी) से जुड़ल बा।
  • कैफीन: 2.0–3.0%।
  • थेरुबिगिन आ थेफ्लेविन: शोरबा के लाल रंग आ स्वाद के “मखमलीपन” बनावेलें।
  • सुगंधित यौगिक: टरपीन अल्कोहल (लिनालूल, जेरानियोल) खास बा — फूल-शहद जइसन प्रोफाइल बनावेला।

8. लाभकारी गुण:

  • कोमल टोनिंग: मध्यम कैफीन, उच्च L-थिएनिन।
  • एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा: थेफ्लेविन आ थेरुबिगिन।
  • गरमाहट वाला असर: “गरम” प्रकृति, ठंडा मौसम में आरामदायक।
  • पाचन खातिर सहायक: स्राव के उत्तेजित करेला, चिकनाहट वाला खाना के बाद मदद करेला।
  • ताजगी आ प्यास बुझावे वाला (清熱解渴): परंपरागत रूप से बाइमा-चा के ई गुण मानल जाला, ऐतिहासिक स्रोतन में भी एकर जिकिर बा।
  • पाचन क्रिया मजबूत करे वाला (健脾開胃): परंपरा अनुसार मानल जाला कि बाइमा-चा “भूख खोलेला” — ई गुण गुआंगदोंग के पाक संस्कृति में कीमती बा।

9. बनावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 90–95°C।
  • चाय के मात्रा: 100–120 मिली पर 4–5 ग्राम (गोंगफू); 200–250 मिली पर 3 ग्राम (भीगल के छोड़े खातिर)।
  • बर्तन: चीनी मिट्टी के गैवान, काँच के प्याला।
  • प्रक्रिया:
    1. बर्तन गरम करीं।
    2. चाय डालीं।
    3. धोबल — इच्छानुसार (तेजी से 2–3 सेकेंड के छानब)।
    4. पहिला छानब: 10–15 सेकेंड।
    5. 5–7 छानब, समय 5–10 सेकेंड बढ़ावत।
  • नोट: बाइमा होंगचा “बड़का प्याला” (बड़का गिलास / यूरोपीय प्रारूप) में भी बढ़िया खुलेला: 250 मिली पर 3 ग्राम, 3–4 मिनट भीगे दीं। ई प्रारूप गरम गुआंगदोंग जलवायु में रोज पीये खातिर खास उपयुक्त बा — कमरा के तापमान पर शोरबा “जीवित रसीलापन” आ ताजगी वाला चरित्र बरकरार राखेला, जवन किंग इतिहास में बाइमा-चाय के “प्यास बुझावे आ भूख खोले” वाला गुण के रूप में पहिलहीं नोट कइल गइल रहे।

10. भंडारण:

  • बर्तन: हवाबंद, गैर-पारदर्शी।
  • स्थिति: 10–25°C, नमी 60% ले।
  • अवधि: 12–24 महीना।

11. कीमत आ नकली:

फेंगकाई होंगचा — मध्यम कीमत खंड के चाय ह। मानक — 200–500 युआन/500 ग्राम; प्रीमियम (बाइमा के पुरान पेड़, बसंत, हाथ से बनल) — 500–1,500 युआन।

नकली से कइसे बचीं: उत्पत्ति (फेंगकाई काउंटी, झाओकिंग, गुआंगदोंग) जाँचीं। “杏花白馬®” चिन्ह भा अइसने प्रमाणित ब्रांड देखीं। “शुद्ध पहाड़ी आत्मा” आ “लमहर हुई गान” — प्रमुख ऑर्गेनोलेप्टिक पहचान बाड़ें।


12. रोचक तथ्य:

  • शाही चाय आ पनामा (1908): बाइमा-चाय के गुआंगशु के शासन के अंतिम साल में किंग दरबार के आदेश से अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में भेजल गइल — 20वीं सदी के सुरुआत में अंतर्राष्ट्रीय पहचान पावे वाला कुछ गुआंगदोंग चाय सभ में से एगो।
  • पहाड़ पर आधा सदी: 1968-69 के राज्य बागान के पेड़ — पच्छिम गुआंगदोंग के कुछ सबसे पुरान; इनकर कच्चा माल गहिराई आ “परिपक्वता” खातिर कीमती बा।
  • अनोखा लाइन “हाथ से बनल… मशीन से”: “शिंगहुआ बाइमा” स्वचालित लाइन के डिजाइन इंजीनियर आ हाथ के चाय बनावे वाला मास्टर लोग के संगे छह महीना लगाके बनावल गइल, ताकि परंपरागत प्रसंस्करण के हर बारीकी के हूबहू दोहरावल जा सके — जेमें मुरझाव के एगो खास तरीका सामिल बा, जवन लाल या हरियर चाय खातिर मानक लाइनन में ना संभव।
  • फेंगकाई — “गुआंगशिन” के जन्मस्थली: काउंटी के नाँव प्राचीन शहर गुआंगशिन (廣信) के नाँव पर रखल गइल बा, जवन एगो मत के अनुसार पूरा गुआंगदोंग प्रांत (廣東 — “गुआंगशिन से पूरब”) के नाँव दिहलस। बाइमा पहाड़ के चाय — दू हजार साल के प्रशासनिक इतिहास वाला क्षेत्र के उत्पाद ह।
  • 48% — एकही कस्बा के हिस्सा: शिंगहुआ कस्बा, हालाँकि छोट बा (आबादी ~20,500), काउंटी के कुल चाय क्षेत्र के 48% हिस्सा आपूर्ति करेला, जवन एकरा फेंगकाई चाय उद्योग के पूर्ण केंद्र बनावेला।
  • 350 नौकरी: शिंगहुआ में चाय उद्योग के विकास ~350 स्थानीय निवासी लोग के स्थायी आ मौसमी रोजगार देले बा, आ “कंपनी + आधार + किसान” मॉडल 20 से ढेर छोट साझेदार-खेतन के आकर्षित कइले बा।
  • “नाम बिना चेहरा”: 2014 से पहिले बाइमा-चाय स्थानीय बाजार के एगो बेनाम उत्पाद के रूप में मौजूद रहे: किसान बिना पैकेजिंग आ ब्रांड के ढेर में चाय बेचें। “शिंगहुआ बाइमा®” ब्रांड आ उद्यम मानक के सृजन एगो मोड़ साबित भइल, जवन “देहाती” उत्पाद के बाजार पहचान वाला माल में बदल देले।

13. तुलनात्मक विश्लेषण:

पैरामीटरफेंगकाई होंगचा (封開紅茶)हेशान होंगचा (鶴山紅茶)यिंगडे होंगचा (英德紅茶)
जिलाझाओकिंगजियांगमेनकिंगयुआन
उत्पादन के केंद्रबाइमा पहाड़ (शिंगहुआ)शुआंगहे, गुलाओयिंगडे
ऊँचाई700–944 मी200–800 मी100–500 मी
मुख्य सुगंध”पहाड़ी आत्मा”, शहद, सूखा मेवाशहद, माल्टकोको, माल्ट, अखरोट
खासियतशाही श्रद्धांजलि; पनामा 190819वीं सदी में गुआंगदोंग के 80% निर्यातगुआंगदोंग लाल चाय के प्रमुख
GI स्थितिविकास प्रक्रिया मेंहाँ (2015)हाँ (2006)

14. किसिम:

  • शिंगहुआ बाइमा होंगचा (杏花白馬紅茶): मुख्य उत्पाद — बाइमा पहाड़ के लाल चाय।
  • शिंगहुआ बाइमा ल्यूचा (杏花白馬綠茶): हरियर चाय — ऐतिहासिक रूप से बाइमा-चाय के मुख्य उत्पाद: “शुद्ध, सुगंधित, साफ हरियराहूँ शोरबा के साथ”।
  • शिंगहुआ बाइमा बाइचा (杏花白馬白茶): सफेद चाय — नया दिशा, ओही स्वचालित लाइन के इस्तेमाल करेला।
  • ग्रेड के अनुसार: ते जी (特級), पहिला, दुसरा।

15. मतभेद आ सावधानी:

  • मध्यम कैफीन मात्रा: संवेदनशीलता होखे पर दिन के बाद के समय में सीमित करीं।
  • खाली पेट ना पीये के।
  • गर्भावस्था आ स्तनपान: 2–3 ग्राम/दिन तक सीमित करीं या डाक्टर से सलाह लीं।

निष्कर्ष में:

फेंगकाई होंगचा — एगो अइसन चाय जेकर अतीत शाही ह आ वर्तमान उद्यमशील। बाइमा पहाड़, जेकर चाय के किंग दरबार में कदर कइल गइल आ 1908 के पनामा में पहचान मिलल, आज दोसर जनम ले रहल बा: किसानी चाय बनावे के हाथ के तरीका से — एगो अनोखा स्वचालित लाइन ले, जवन परंपरा के आत्मा के संरक्षित करेला। ई चाय अभी अपना गुआंगदोंग पड़ोसी — यिंगडे होंगचा या हेशान होंगचा — जइसन बड़हन पहचान ना बनवले बा, बाकिर एकर पहाड़ी टेरवार, अर्धसदी के पेड़ आ तेजी से बढ़त बुनियादी ढाँचा एकरा पच्छिम गुआंगदोंग चाय उद्योग के सबसे उभरत सितारा सभ में गिनावे लायक बनावेला।

फेंगकाई होंगचा के हर प्याला में — बाइमा पहाड़ के कोहरा, ग्रेनाइट माटी के खनिज शक्ति आ उहे “शुद्ध पहाड़ी आत्मा” बा, जवन बाइमा-चाय के ओह समय में भी सबसे अलग कइलस जब ई दरबार में भेंट कइल जात रहे। जे लोग “बड़ तिकड़ी” (यिंगडे, हेशान, ज़ीजिन) से बाहर गुआंगदोंग लाल चाय खोजत बाड़े, फेंगकाई — एगो खोज ह, जवन तबहीं कइल जा सकेला जब ई अभी भारी मात्रा में प्रसिद्ध नइखे भइल आ ओही हिसाब से महँग नइखे भइल।

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