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title: "Shíqiān táichá"
url: https://thetea.app/hi/article/shiqian-taicha
lang: hi
updated: 2026-10-04
source: THE TEA — encyclopedia of Chinese tea (https://thetea.app)
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# Shíqiān táichá (石阡苔茶)

**शीकियान ताइचा** (*Shíqiān táichá*, 石阡苔茶) — गुइझोऊ प्रांत के उत्तर-पूर्व में टोंगरेन नगर ज़िले की शीकियान काउंटी (石阡县) की एक हरी चाय है। «ताइचा» स्थानीय चाय की झाड़ी का नाम भी है: मोटे लंबे अंकुरों (苔, *tái*) के कारण किसान उसे «ताइज़ी चा» कहते थे। 2025 की आवश्यकताओं के अनुसार संरक्षित उत्पाद — सपाट हरी चाय है; उसी किस्म की लाल चाय, ऊलोंग और सफ़ेद चाय इस परिभाषा में नहीं आतीं। यह नाम 2009 से संरक्षित है।

**1. वर्गीकरण और उत्पत्ति:**

* **प्रकार:** हरी चाय (绿茶, *lǜchá*)। 2025 की आवश्यकताएँ उत्पाद को «सपाट हरी चाय» (扁形绿茶, *biǎnxíng lǜchá*) के रूप में परिभाषित करती हैं।
* **नाम का जाल:** «ताइचा» — किस्म भी है और चाय भी। «रेनमिन रिबाओ» के अनुसार, इस किस्म से हरी, लाल, ऊलोंग और सफ़ेद चाय बनाई जाती है; वर्ग लेबल पर देखना चाहिए, नाम से अनुमान नहीं लगाना चाहिए।
* **श्रेणी:** स्थानीय किस्म के नाम पर रखी गई गुइझोऊ की सपाट हरी चाय; भौगोलिक संकेत वाला उत्पाद।
* **उत्पत्ति:** चीन, गुइझोऊ प्रांत (贵州, *Guìzhōu*), टोंगरेन नगर ज़िला (铜仁, *Tóngrén*), शीकियान काउंटी (石阡, *Shíqiān*)।
* **संरक्षित क्षेत्र:** काउंटी के 18 क़स्बे और बस्तियाँ: लोंगतांग, लोंगजिंग, बाईशा, जुफ़ेंग, बेनझुआंग, हेबा, दशाबा, पिंगदीचांग, हुआक़ियाओ, शिगु, क़िंगयांग, उडे, फ़ेंगशियांग, पिंगशान, झोंगबा, गानशी, गोरोंग और तांगशान। आवेदक — शीकियान काउंटी चाय संघ (石阡县茶业协会)।
* **भौगोलिक निर्देशांक:** 27°17′05″–27°42′50″ उ. अ. और 107°44′55″–108°33′47″ पू. दे.

**2. इतिहास और सांस्कृतिक महत्व:**

* **इतिहास:**
    * **प्राचीन काल।** स्थानीय प्रकाशन शीकियान चाय से लू यू के «चाय के सिद्धांत» की पंक्ति «往往得之，其味极佳» — «अक्सर मिलती है, स्वाद अत्यंत उत्तम» — जोड़ते हैं और लिखते हैं कि सोंग, मिंग और क़िंग राजवंशों में चाय दरबार भेजी जाती थी। मूल स्रोतों की जाँच नहीं की गई।
    * **2009.** गुणवत्ता नियंत्रण, निरीक्षण और संगरोध महाप्रबंधन (AQSIQ) ने घोषणा सं. 88 से शीकियान ताइचा को भौगोलिक संकेत उत्पाद के रूप में संरक्षण में लिया।
    * **2015.** प्रांत ने उत्पाद मानक DB52/T 532-2015 और प्रसंस्करण नियम DB52/T 1014-2015 को मंज़ूरी दी। उसी वर्ष कृषि मंत्रालय ने कृषि भौगोलिक संकेत प्रमाणपत्र जारी किया और ताइचा की हस्त निर्माण तकनीक प्रांतीय अमूर्त विरासत सूची में शामिल हुई।
    * **2023–2024।** टोंगरेन ज़िले ने 20 दिसंबर 2023 को अपने प्रसंस्करण नियम DB5206/T 168-2023 जारी किए; मानक मंच के अनुसार 2015 के प्रांतीय नियम 2 जनवरी 2024 से रद्द कर दिए गए।
    * **2025।** घोषणा सं. 646 (23 सितंबर) से राज्य बौद्धिक संपदा प्रशासन ने शीकियान ताइचा की आवश्यकताओं को मंज़ूरी दी, जिन्होंने 2009 की घोषणा के उस खंड और गुणवत्ता संबंधी परिशिष्ट को बदल दिया।
* **पैमाना:** सिन्हुआ (जून 2024) के अनुसार, काउंटी में 436 हज़ार *म्यू* बाग़ हैं, जिनमें से 337 हज़ार फल देने वाले हैं।
* **नाम:** 石阡 (*Shíqiān*) — काउंटी का नाम; 苔 (*tái*) — मोटा अंकुर। काउंटी की वेबसाइट एक और लोक नाम भी देती है — 苔[紫茶](https://thetea.app/hi/article/zicha) (*táizǐchá*), «बैंगनी ताइचा»।
* **सांस्कृतिक महत्व:** काउंटी को «चीन के ताइचा की जन्मभूमि» (中国苔茶之乡) कहा जाता है और चाय को «गुइझोऊ की तीन प्रसिद्ध चायों» में से एक माना जाता है। स्थानीय प्रकाशन «मटकी वाली चाय» (罐罐茶) की परंपरा का वर्णन करता है: मोटे पत्तों को झरने के पानी के साथ मिट्टी के मटके में कोयले पर धीमी आँच पर पकाया जाता है, झाग हटाया जाता है, ठंड में अदरक मिलाया जाता है।

**3. वानस्पतिक विवरण और कच्चा माल:**

* **किस्म:** स्थानीय किस्म 石阡苔茶। «रेनमिन रिबाओ» के अनुसार, झाड़ी का पत्ता मोटा, कलियाँ मज़बूत, तने लंबे होते हैं; गर्मी बढ़ने पर कलियाँ और पत्तियाँ हल्की लाल और फिर बैंगनी-लाल हो जाती हैं। विश्वकोशीय विवरण उसे पुरानी स्थानीय किस्म बताता है, जो गुइझोऊ के पूर्व, उत्तर और दक्षिण-पूर्व में फैली।
* **स्वीकृत किस्में:** 2025 की आवश्यकताएँ मुख्य किस्मों में स्वयं ताइचा के साथ फ़ूडिंग, मिंगशान और लोंगजिंग शृंखला (福鼎、名山、龙井系列) का नाम लेती हैं। «ताइचा» नाम के लिए केवल स्थानीय झाड़ी का कच्चा माल अनिवार्य नहीं है।
* **कच्चा माल और तुड़ाई:** हाथ से या मशीन से तुड़ाई — ऐसा 2025 की आवश्यकताओं में है। काउंटी वेबसाइट के अनुसार, हाथ से बने माओफ़ेंग के लिए एक पत्ती वाली कली सबसे अच्छी होती है।
* **रोपण की शर्तें:** ऊँचे जल निकास वाले भूखंड, अम्लीय मिट्टी, ऊपरी परत में 1 % से अधिक कार्बनिक पदार्थ, मिट्टी की मोटाई 80 सेमी से अधिक।

**4. टेरुआर और खेती की ख़ासियतें:**

* **क्षेत्र:** स्थानीय प्रकाशन के अनुसार, काउंटी सीढ़ीदार ढलान पर स्थित है, जहाँ युन्नान-गुइझोऊ पठार पश्चिमी हुनान की पहाड़ियों की ओर उतरता है, उलिंग पर्वत के दक्षिण-पश्चिमी किनारे पर। दक्षिण-पूर्व उत्तर-पश्चिम से ऊँचा है, भूभाग कार्स्ट है।
* **जलवायु:** उपोष्णकटिबंधीय आर्द्र मानसूनी; स्थानीय पाठों में सूत्र दोहराया जाता है «कम अक्षांश, अधिक ऊँचाई, कम धूप» (低纬度、高海拔、寡日照)। संदर्भ साइट औसत वार्षिक तापमान 16.8 °C, 1233 धूप घंटे, लगभग 1121 मिमी वर्षा और 303 पाला-रहित दिन बताती है; इन आँकड़ों का आधिकारिक स्रोत नहीं मिला।
* **मिट्टियाँ:** पीली और पर्वतीय पीली-भूरी।
* **ऊँचाई:** मिले स्रोतों में आँकड़े नहीं हैं।

**5. उत्पादन तकनीक:**

2025 की आवश्यकताएँ तकनीक का वर्णन नहीं करतीं, प्रसंस्करण नियमों के पाठ नहीं मिले। काउंटी वेबसाइट प्रांतीय अमूर्त विरासत के वाहक एक उस्ताद के हवाले से हाथ से बने माओफ़ेंग ([毛峰](https://thetea.app/hi/article/maofengcha), *máofēng*) — मुड़ी हुई, सपाट नहीं — का वर्णन करती है:

1.  **मुरझाना:** लगभग 7–8 घंटे समान तापमान पर।
2.  **पैन में आँच बंद करना (杀青, *shāqīng*):** कड़ाही पर चाय का तेल लगाया जाता है; पत्ता डाला जाता है जब हथेली 20 सेमी दूर से तली की गर्मी महसूस करे।
3.  **«तीन बार भूनना — तीन बार मलना» (三炒三揉, *sān chǎo sān róu*):** पत्ता कड़ाही में ही मला जाता है, दबाव — «हल्का — तेज़ — हल्का», नियम के अनुसार «हाथ चाय से न छूटे, चाय कड़ाही न छोड़े» (手不离茶、茶不离锅)। बहुत तेज़ दबाव से पत्ता टूटता है, बहुत कमज़ोर से आकार नहीं बनता।
4.  **सुखाना:** धीरे-धीरे, कड़ाही की ऐसी आँच पर कि लगाई गई हथेली जले नहीं।

उसी विवरण के अनुसार तैयार माओफ़ेंग — घनी पतली मुड़ी पत्तियाँ, पन्ने जैसी हरी, रोएँदार; अर्क चमकीला हरा और पारदर्शी। सपाट चाय के लिए कृषि पत्रिका में लेख की टिप्पणी छह प्रक्रियाएँ और आठ उपाय बताती है। उसी किस्म की लाल चाय, ज़िले के प्रकाशन में उसी उस्ताद के अनुसार, ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत (立夏) के बाद बनाई जाती है।

**6. संवेदी विशेषताएँ:**

सपाट हरी चाय के लिए 2025 की आवश्यकताओं के अनुसार:

* **सूखी पत्ती का बाहरी रूप:** कली जैसा, हल्का सा चपटा, रोएँदार (外形自然芽状、稍扁、有毫); तैलीय चमक वाला हरा, एक समान।
* **सूखी पत्ती की सुगंध:** मिले स्रोतों में अलग विवरण नहीं है।
* **अर्क की सुगंध:** स्वच्छ (清香)। «रेनमिन रिबाओ» हरी ताइचा में स्थायी अखरोट जैसी सुगंध (栗香持久) बताता है — आवश्यकताओं से भिन्न।
* **स्वाद:** ताज़ा, स्फूर्तिदायक (鲜爽); «रेनमिन रिबाओ» के विवरण में — गाढ़ा और कोमल (醇厚)।
* **अर्क का रंग:** पीला-हरा, चमकीला (黄绿、明亮)।
* **चाय की तली (भीगी पत्ती):** साबुत, कोमल और एक समान (完整、嫩匀)।

**7. रासायनिक संरचना:**

2025 की आवश्यकताएँ:

| संकेतक | आवश्यकता |
| :--- | :--- |
| चाय पॉलीफ़ेनॉल | 18,63–23,9 % |
| अमीनो अम्ल | 3,0 % से कम नहीं |
| जलीय अर्क | 40,0 % से कम नहीं |
| आर्द्रता | 6,5 % से अधिक नहीं |
| कुल राख | 7 % से अधिक नहीं |
| टुकड़े | 5,0 % से अधिक नहीं |
| मोटा रेशा | 15,0 % से अधिक नहीं |

संदर्भ साइट पॉलीफ़ेनॉल 20–26 % और कैफ़ीन 4,5–6,0 % देती है — बिना मूल स्रोत के और आवश्यकताओं से मेल नहीं खाती।

**8. लाभकारी गुण:**

ठीक इसी चाय के प्रभाव पर सत्यापित आँकड़े नहीं हैं। स्थानीय प्रेस ताइचा को «दीर्घायु की चाय» (长寿茶) कहती है और उसे काउंटी के दीर्घजीवियों की संख्या से जोड़ती है; यह विज्ञापन संबंध है, सत्यापित निष्कर्ष नहीं।

**9. चाय बनाना:**

हरी चाय के लिए वर्ग अभ्यास।

* **पानी का तापमान:** 80–85 °C।
* **चाय की मात्रा:** 3 ग्राम प्रति 150 मिली।
* **बर्तन:** काँच का गिलास या सफ़ेद गाइवान।
* **प्रक्रिया:**
    1. बर्तन गर्म करें।
    2. चाय डालकर दीवार के सहारे पानी डालें।
    3. पहला अर्क — 40–60 सेकंड बाद।
    4. थोड़ा अर्क छोड़कर पिएँ और पानी दोबारा भरें।
    5. दो-तीन बार फिर से भरें।

**10. भंडारण:**

वर्ग अभ्यास। वायुरोधी पैकेजिंग में, रेफ़्रिजरेटर में 0–5 °C पर, रोशनी, नमी और गंध से दूर; एक वर्ष के भीतर पी लेना बेहतर है।

**11. मूल्य और नकली चाय:**

कीमतों के विश्वसनीय आँकड़े नहीं हैं; एक ऑनलाइन दुकान औसत स्तर लगभग 300 युआन प्रति जिन (500 ग्राम) बताती है।

* **नकली से कैसे बचें:**
    * भौगोलिक संकेत चिह्न देखें: यह संरक्षित क्षेत्र के उत्पादकों को राज्य बौद्धिक संपदा प्रशासन की मंज़ूरी से मिलता है।
    * लेबल पर वर्ग देखें: लाल ताइचा उसी किस्म की वैध चाय है, लेकिन संरक्षित उत्पाद नहीं।
    * संरक्षित रूप — कली जैसी हल्की सी चपटी रोएँदार पत्ती और पीला-हरा चमकीला अर्क।

**12. रोचक तथ्य:**

* किस्म का नाम अंकुर के रूप पर पड़ा: मोटे «ताई» ने झाड़ी और चाय दोनों को नाम दिया।
* गर्मी बढ़ने पर ताइचा की कलियाँ लाल होती हैं, फिर बैंगनी; झाड़ी के एक लोक नाम 苔紫茶 में अक्षर 紫 — «बैंगनी» है।
* आवश्यकताएँ संरक्षित चाय के लिए ग़ैर-स्थानीय किस्में भी मंज़ूर करती हैं — फ़ूडिंग, मिंगशान, लोंगजिंग शृंखला।

**13. अन्य चायों से तुलना:**

* **बेइचुआन ताइज़ी चा ([北川苔子茶](https://thetea.app/hi/article/beichuan-taizi-cha)):** सिचुआन की हरी चाय, जिसका नाम भी स्थानीय झाड़ी के अंकुरों के रूप पर पड़ा; उसका मानक भी केवल उसी झाड़ी से कच्चा माल अनिवार्य नहीं करता।
* **फ़ानजिंगशान ल्यूचा ([梵净山绿茶](https://thetea.app/hi/article/fanjingshan-lucha)):** टोंगरेन ज़िले की छत्र हरी चाय; शीकियान काउंटी उसके क्षेत्र में आती है।
* **मेइतान त्सुईया ([湄潭翠芽](https://thetea.app/hi/article/meitan-cui-ya)):** मेइतान काउंटी की सपाट हरी चाय, गुइझोऊ की एक और प्रसिद्ध सपाट चाय।

**निष्कर्ष में:**

शीकियान ताइचा — गुइझोऊ के उत्तर-पूर्व की सपाट हरी चाय, जिसका नाम मोटे अंकुरों वाली स्थानीय झाड़ी पर पड़ा जो वसंत में लाल हो जाती है। 2025 की आवश्यकताएँ रोएँदार कली जैसी पत्ती, स्वच्छ सुगंध, ताज़ा स्वाद और पीला-हरा अर्क बताती हैं; उसी किस्म से काउंटी में लाल चाय और ऊलोंग भी बनते हैं, इसलिए वर्ग लेबल पर पढ़ना चाहिए।
