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title: "# शी ली शियांग"
url: https://thetea.app/bho/article/shilixiang
lang: bho
updated: 2026-07-19
source: THE TEA — encyclopedia of Chinese tea (https://thetea.app)
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# शी ली शियांग (十里香, shílǐxiāng)

शी ली शियांग (*shílǐxiāng*, 十里香) कुनमिंग के आसपास के इलाका के एगो दुर्लभ हरियर चाय ह, जवन युन्नान प्रांत के राजधानी ह, एकर नाँव के शाब्दिक अर्थ ह "दस *lǐ* तक फइलल महक"। ताकतवर युन्नानी बड़-पत्ता वाली चाय सभ के बीच ई अलगे बाटे: ई एगो कोमल छोट-पत्ता वाली भुजल (*chǎoqīng*, 炒青) चाय ह, जवना के बारे में शहरी कहावत बा "चाय पियल जाय त शी ली शियांग पियल जाय" (喝茶要喝十里香)।

**1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:**

* **प्रकार:** हरियर चाय (绿茶)
* **श्रेणी:** "प्रसिद्ध आ चुनिंदा" हरियर चाय (名优绿茶, *míngyōu lǜchá*); बेहतरीन बैच — *míngqián* (明前)·名优 के स्तर के
* **उत्पत्ति:** कुनमिंग (昆明), एकर आसपास के इलाका आ शहर के चारो ओर के पहाड़ी, युन्नान-गुइझोउ के पठार, युन्नान प्रांत
* **स्थिति:** एगो क्षेत्रीय युन्नानी दुर्लभता, बड़ पैमाना पर मिले वाला चाय ना
* **टेरुआर के संदर्भ:** युन्नान के पच्छिमी आ दक्खिनी हिस्सा के मशहूर चाय उत्पादक क्षेत्रन — लिंकांग, बाओशान, पुअर — के बिपरीत, जहाँ चाय के झाड़ी के बड़-पत्ता वाली किसिम के बोलबाला बा, कुनमिंग पठार पर ऊँचाई पर बसल बा, एकर जलवायु ठंढा आ एकसमान "हमेसा बसंत नियन" बा। एह ऊँचाई वाली समशीतोष्णता के कारन इहाँ एगो अलग किसिम के चाय पनपल: छोट-पत्ता वाली, खुशबूदार, जवन भरपूर युन्नानी "द्यानल्यू" के बजाय पूरबी चीन के चाय सभ के बेसी करीब लागेला
* **शहरी चाय:** शी ली शियांग इतिहासी रूप से कुनमिंग के "शहरी" चाय रहल बा — ऊहे जवना के चाय के दुकानन में पियल जात रहे आ मेहमानन के परोसल जात रहे, पुरान कुनमिंग के जीवनशैली से गहिराह जुड़ल। शहर के बिस्तार के साथ चाय के बागान पर निर्माण के दबाव बढ़ल, आ आजु शी ली शियांग बहुते दुर्लभ बा

**2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:**

* **"कुनमिंग के प्राचीन प्रसिद्ध चाय"** (昆明古名茶): चाय के सांस्कृतिक कोड "喝茶要喝十里香" — "चाय पियल जाय त शी ली शियांग पियल जाय" कहावत में बसल बा। ई वाक्य बतावेला कि पुरान कुनमिंग के लोग खातिर ई चाय स्थानीय स्वाद के मानक रहल, अपना शहर के धरोहर, आ एकर खुशबू ऊ पैमाना रहल जवना से अच्छा चाय के परख होखत रहे।
* **नाँव के अरथ:** "दस *lǐ* तक के खुशबू" (十里香) चाय के सुगंध के एगो अतिशयोक्ति ह: खुशबू एतना तेज आ शुद्ध कि कई *lǐ* तक फइल जाले। चीनी चाय परंपरा में अइसन "सुगंधित" नाँव हमेसा इशारा करेलें कि चाय के महत्व मुख्य रूप से एकर बुके खातिर रहल।
* **दुर्लभता के नाटकीयता:** बढ़त शहरी इलाका से जुड़ल होखे के कारन, शी ली शियांग शहरीकरण के चपेट में आ गइल: चाय के बागान निर्माण के जगह दे गइलें, आ ई चाय कुनमिंग के रोजमर्रा के पेय से एगो दुर्लभ वस्तु बन गइल, जवना के आज बहुत कम लोग जानेला। ई एह बात के एगो जीवित स्मारक के रूप में अउरी मूल्यवान बा कि युन्नान मात्र बड़-पत्ता वाली पुअर ना ह, बलुक पठार के कोमल छोट-पत्ता वाली हरियर चाय भी ह।

**3. वानस्पतिक विवरण आ कच्चा माल:**

* **किसिम/कल्टीवार:** कुनमिंग के छोट-पत्ता वाली आबादी (昆明小叶[群体种](https://thetea.app/bho/article/qunti-zhong), *kūnmíng xiǎoyè qúntǐzhǒng*) — एगो स्थानीय बीजजनित (आबादी आधारित) किसिम जवना में पत्ता छोट होला
* **प्रांत के बिपरीतता:** युन्नान के बारे में आम धारणा ह कि ई बड़-पत्ता वाली चाय (云南大叶种) के क्षेत्र ह, जवना से पुअर आ गाढ़ भुजल/सूखल हरियर चाय बनेला। शी ली शियांग प्रांत खातिर दुर्लभ छोट-पत्ता वाला प्रकार में आवेला। ऊहे बिपरीतता युन्नान के एगो अउरी दुर्लभ चाय — ईलियांग (宜良) के बाओ होंग चा ([宝洪茶](https://thetea.app/bho/article/baohongcha)) — के उदाहरण में भी देखे के मिलेला, जवनो छोट-पत्ता वाली आ बहुत खुशबूदार होला।
* **छोट पत्ता के प्रभाव:** ठंढा पठार पर छोट पत्ता अधिका कोमल, "ऊँच" सुगंध आ कम कर्कश, बड़-पत्ता वाली किसिमन के तुलना में अधिका परिष्कृत कप देला
* **"群体种" (आबादी आधारित, बीजजनित किसिम):** इहाँ कौनों एकल क्लोन के बात नइखे होखत, बलुक आनुवंशिक रूप से बिबिधतापूर्ण स्थानीय आबादी के, जेकर चयन कई पीढ़ियन से होत आइल बा। अइसन पुरान आबादी सभ के महत्व सुगंध के जटिलता आ कौनों खास जगह से जुड़ाव खातिर होला — ईहे गुण अक्सर "प्राचीन प्रसिद्ध चाय" (古名茶) सभ के पाछे होलें, जवना में शी ली शियांग भी शामिल बा।

**4. टेरुआर आ खेती के खासियत:**

* **टेरुआर:** युन्नान-गुइझोउ के पठार पर कुनमिंग, ठंढा आ एकसमान "हमेसा बसंत नियन" जलवायु वाला ऊँच पठार
* **ऊँचाई के प्रभाव:** ऊँचाई वाली समशीतोष्णता छोट-पत्ता वाली, खुशबूदार चाय के किसिम बनावेले, जवन भरपूर युन्नानी "द्यानल्यू" के बजाय पूरबी चीन के चाय सभ के बेसी करीब लागेला
* **शहरी, पठारी चाय:** युन्नान के पच्छिमी/दक्खिनी चाय उत्पादक क्षेत्रन के बिपरीत

**5. उत्पादन तकनीक:**

शी ली शियांग *chǎoqīng* (炒青) ह, कड़ाही में भुजल हरियर चाय जवन लमछर/धारीदार आकृति (条形) के होला। हरियर चाय उत्पादन के मूल तर्क इहाँ क्लासिक बा:

* **तुड़ाई.** सभसे नीक शी ली शियांग *míngqián* (明前) श्रेणी के चाय ह, जवना के क्विंगमिंग परब से पहिले, बसंत के सुरुआत के कोमल नोकदार कलियन आ पत्तिन से तूरल जाला। ई 名优 — "प्रसिद्ध आ चुनिंदा" खंड ह।
* **मुरझाई (摊放).** ताजा पत्ता के हल्का मुरझाई ताकि नमी में थोड़ा कमी आ सुगंध निखरे।
* **हरियरपन के स्थिर करब (杀青).** कड़ाही में गर्म कइल, जवन किण्वनात्मक ऑक्सीकरण के रोक के हरियर प्रोफाइल के "स्थिर" कर देला। असल में कड़ाही में सेंकल, ना कि भाप से प्रोसेसिंग भा सूखाई, *chǎoqīng* खातिर बिसेस भुनल-अखरोट नियन टोन बनावेला।
* **बेलन (揉捻).** पत्ता के धारीदार आकृति बनावल आ बाद में शोरबा के निकासी खातिर कोशिका सभ के आंशिक रूप से तूरल।
* **सूखाई (干燥).** स्थिर नमी तक ले आवल आ साथे-साथ सुगंध के "पकावल"।

नतीजा — सूखल पत्ता बंटल धारी (条形) के रूप में होला, ना कि चपटा (जइसे लोंगजिंग) आ ना सुई नियन। *chǎoqīng* बिधि नाँव के भी ब्याख्या करेला: "दस *lǐ* तक के खुशबू" — ई ऊ ऊँच, दूर तक सुनाई दे वाली सुगंध के बारे में बा जवन छोट-पत्ता वाली कच्चा सामग्री के सफल कड़ाही-भुजाई से मिलेला।

**6. अंगमूल्यांकन के बिसेसता:**

* **प्रोफाइल:** तीन गो तत्वन से उपजल — छोट पत्ता, ठंढा ऊँच पहाड़ी टेरुआर आ कड़ाही में भुजाई। ई चाय बिसेस, "ऊँच" सुगंध वाली (एही से नाँव), ताजा, स्वच्छ स्वाद आ बड़-पत्ता वाली युन्नानी हरियर चाय सभ से बेसी सुघर बनावट वाली होला।
* **तुलना:** भरपूर, कसैला आ "शक्तिशाली" द्यानल्यू (滇绿) के तुलना में शी ली शियांग नरम, अधिका खुशबूदार आ कोमल होला
* **सूखल पत्ता के आकृति:** धारीदार (条形) बंटल पत्ता — चपटा लोंगजिंग नियन ना आ सुई नियन ना
* **सुगंध:** बिसेस, "दूर तक जाए वाली", भुनल-सुगंधित — गाढ़ आ कसैला द्यानल्यू के ठीक बिपरीत

**9. चाय बनावे के तरीका:**

चूँकि ई एगो कोमल छोट-पत्ता वाली हरियर चाय ह, एकरा के सहेज के बनावल जाए के चाहीं:

* **तापमान:** उबलत पानी ना, बलुक लगभग 80–85 °C; खड़ा उबलत पानी कोमल कलियन के "जरा दी" आ स्वाद के कर्कश कऽ दी।
* **बर्तन:** काँच के गिलास भा गाइवान, ताकि पत्ता के खुले के देखल जा सके आ सुगंध पकड़ल जा सके।
* **अनुपात आ समय:** थोड़ा पत्ता, छोट-छोट भिगो के; नोकदार कली आ कोमल पत्ता वाली हरियर चाय लमहर भिगोबे आ जादा निकासी पसंद ना करे।
* **पानी:** नरम, साफ — ई कोमल सुगंध के "दबावे" ना।

जादातर हरियर चाय नियन, शी ली शियांग बसंत आ गरमी के सुरुआत में निखर के आवेला; ई "मौजूदा फसल" के चाय ह, जवना के जवान पियल जाला, ताजगी के सराहल जाला, पुरान रखाई के ना।

**11. दाम आ नकल:**

* **मानक आ श्रेणी:** शी ली शियांग "प्रसिद्ध आ चुनिंदा" हरियर चाय (名优绿茶) श्रेणी में आवेला, बेहतरीन बैच *míngqián*·名优 स्तर के होलें। संदर्भ प्रणाली में ई क्षेत्रीय युन्नानी दुर्लभता के रूप में दर्ज बा, बड़ पैमाना के बाजारू चाय के रूप में ना। एह बहुतै स्थानीय चाय खातिर कौनों उद्योग मानक संख्या (GB/T) इहाँ ना दिहल गइल बा — कोसिस बा कि अइसन संख्या ना लगावल जावे जवना के स्रोत से पुष्टि ना हो सके।
* **गुणवत्ता के मुख्य मापदंड:** उत्पत्ति (कुनमिंग), छोट-पत्ता वाली कुनमिंग आबादी, सुरुआती बसंत के तुड़ाई आ भुजल (炒青) धारीदार प्रोसेसिंग।
* **शी ली शियांग के पहचान कइसे करीं** (पहचान के चीन्हा):
  * **उत्पत्ति:** निश्चित रूप से कुनमिंग (昆明), ना कि युन्नान के पच्छिमी/दक्खिनी चाय क्षेत्र। ई शहरी, पठारी चाय ह।
  * **झाड़ी के प्रकार:** छोट-पत्ता वाली कुनमिंग आबादी (昆明小叶群体种) — ना कि बड़-पत्ता वाली 云南大叶种। एह से शी ली शियांग तुरते "पुअर" किसिम के सोच से बाहर हो जाला।
  * **बिधि:** 炒青, भुजल हरियर — कड़ाही भुजाई खातिर बिसेस ऊँच, भुनल-सुगंधित नोट वाला।
  * **आकृति:** धारीदार (条形) बंटल पत्ता, चपटा लोंगजिंग नियन ना आ सुई नियन भी ना।
  * **प्रोफाइल:** बिसेस, "दूर तक जाए वाली" सुगंध आ ताजा, स्वच्छ, अपेक्षाकृत सुघर स्वाद — गाढ़ आ कसैला द्यानल्यू के ठीक बिपरीत।
  * **तर्क में पड़ोसी:** मन में एकरा साथे ईलियांग के बाओ होंग चा (宝洪茶) के रख के देखीं — युन्नान के एगो अउरी दुर्लभ छोट-पत्ता वाली, बहुत खुशबूदार हरियर चाय; दुन्नो प्रांत के "दोसर चेहरा" देखावत बाड़ी स।

**12. रोचक तथ्य:**

* शी ली शियांग — ई चाय के ताकतवर युन्नानी पत्ता के स्वाद से ना, बलुक कोमल ऊँच पहाड़ी सुगंध के बिचार आ पुरान कुनमिंग के स्मृति से समझल आसान होला, जहाँ अच्छा चाय खातिर बस कह दिहाल: "पिये के बा त शी ली शियांग"।
* "दस *lǐ* तक के खुशबू" — एगो अतिशयोक्ति: चीनी चाय परंपरा में अइसन "सुगंधित" नाँव हमेसा इशारा करेलें कि चाय के महत्व मुख्य रूप से एकर बुके खातिर रहल।
