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title: "méiguī huā chá"
url: https://thetea.app/bho/article/meigui-hua-cha
lang: bho
updated: 2026-07-21
source: THE TEA — encyclopedia of Chinese tea (https://thetea.app)
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# méiguī huā chá (玫瑰花茶)

गुलाब के चाय एगो सामूहिक नाँव हवे उ पेय पदार्थ खातिर जवन गुलाब के कलियन आ पँखुड़ियन पर आधारित होला: गुलाब से सुगंधित असली चाय से ले के सूखल फूलन से बनल हर्बल पेय तक ले। चीनी परंपरा में ई मुख्य रूप से एगो "सुगंधित फूल" (*xiānghuā*) हवे जवना से चाय के पत्ती के सुगंधित कइल जाला या एकरा के आपने आप बनावल जाला।

## एगोहे नाँव के नीचे का छिपल बा

सुरुआत से दू गो अलग-अलग उत्पादन के साफ क दिहल बहुत जरूरी बा, जवना के रूसी (आ चीनी) में अक्सर एक्के नाँव से बोलावल जाला।

पहिला इ बा — **गुलाब से सुगंधित चाय** (玫瑰红茶 *méiguī hóngchá*, कबो-कबो हरियर): असली चाय के पत्ती, जे फूलन के साथ परत दर परत रख के सुगंधित कइल जाले। उत्पादन के तर्क के हिसाब से ई चमेली के चाय के करीब बा आ सुगंधित चाय (花茶 *huāchá*) के श्रेणी में आवेला।

दूसरा इ बा — **खाली गुलाब के कलियन के काढ़ा** बिना चाय के पत्ती के। सख्त अर्थ में कहल जाव त ई एगो हर्बल पेय (代用茶, "चाय के विकल्प") हवे, ना कि वानस्पतिक अर्थ में चाय। ठीक एही के मतलब अक्सर होला जब "गुलाब के कली" खुला रूप में बेचल जाला।

ई अंतर मूलभूत बा: स्वाद, बनावे के तरीका आ मानक इनहन के अलग-अलग होला।

## उत्पत्ति आ भूभाग

चीन के मुख्य "गुलाब" क्षेत्र सजावटी ना, बलुक खाए जोखे आ सुगंधित किसिम के गुलाबन के आसपास बनल हवें।

- **पिंगयिन** (平阴, शानदोंग प्रांत) — चीनी गुलाब के ऐतिहासिक राजधानी। स्थानीय "पिंगयिन गुलाब" (平阴玫瑰 *Píngyīn méiguī*) इहाँ किंवदंती अनुसार सैकड़न साल से उगावल जात बा आ भौगोलिक संकेत के उत्पाद के रूप में स्थापित बा। सूखल महादीपी जलवायु आ चूना माटी से घन, भरपूर-मीठ कली मिलेला।
- **कुशुई** (苦水, योंगदेंग जिला, गांसू प्रांत) — "कुशुई गुलाब" (苦水玫瑰 *Kǔshuǐ méiguī*) के जनमभूमि, जवन एगो संरक्षित क्षेत्रीय नाँव हवे। ऊंच पहाड़ी इलाका, तापमान में एकदम से बदलाव आ सूखापन आवश्यक तेल के केंद्रित कर देला, एही से गांसू के गुलाब के सुगंधित द्रव्य में आ तेल खातिर कच्चा माल के रूप में महत्व दिहल जाला।
- **युन्नान** — इहाँ "खाए जोग गुलाब" के किसिम *Mòhóng* (墨红玫瑰) बहुत आम बा, गहिरा लाल, खास तीव्र "जैम" नियर सुगंध वाला; एकर इस्तेमाल अक्सर खाए के पेस्ट आ चाय में मिलावे खातिर होला।

ई क्षेत्र तय करेलें कि कप में कवन कली पहुँचेला, आ शानदोंग के "ताजा" गुलाब आ ढेर "घन", तेलीय गांसू के गुलाब के बीच सुगंध के अंतर के व्याख्या करेलें।

## गुलाब के किसिम

चीन में "गुलाब" (玫瑰) के अंतर्गत बनस्पति के हिसाब से कई अलग पौधा समझल जालें, आ नाँव में गड़बड़ी आम बा।

- **玫瑰 (*méiguī*) — Rosa rugosa**, झुर्रीदार गुलाब। इहे चाय खातिर क्लासिक सुगंधित गुलाब हवे: छोट, घन कली, आवश्यक तेल से भरपूर।
- **月季 (*yuèjì*) — Rosa chinensis**, चीनी गुलाब ("महिनावार"): ढेर सजावटी, कम स्पष्ट सुगंध वाला, गुणवत्ता वाला चाय के कच्चा माल में ई कम मिलेला, हालाँकि बाजार में अक्सर एकर कली के *méiguī* बता के बेचल जाला।
- **蔷薇 (*qiángwēi*)** — जंगली गुलाब के प्रजातिन खातिर सामूहिक नाँव।

खाए आ चाय के उपयोग खातिर लक्षित कच्चा माल ठीक *Rosa rugosa* आ एकर कृषि रूप (पिंगयिन, कुशुई), आ साथे-साथ युन्नान के *Mòhóng* हवे।

## तकनीक

### गुलाब से सुगंधित चाय

सिद्धांत उहे बा जवन चमेली के होला: चाय के आधार (अक्सर लाल/करिया चाय, कबो-कबो हरियर) ताजा आधा खिलल फूलन के साथ परत चढ़ा के रखल जाला आ पुरान कइल जाला ताकि पत्ती उड़नशील सुगंधित पदार्थ सोख ले। ओकरा बाद कच्चा माल के खराब हो चुकल फूलन से "मुक्त" क दिहल जाला (कबो-कबो कई चक्र) आ सुखावल जाला। अक्सर पंखुड़ी के कुछ हिस्सा तइयार उत्पाद में छोड़ दिहल जाला — कुछ हद तक सुंदरता खातिर, कुछ हद तक चिह्न के रूप में। तइयार चाय के गुलाब नियर सुगंधित होखे के चाहीं, बाकिर असली चाय नियर बने के चाहीं — पत्ती के बॉडी, टैनिन आ बाद के स्वाद के साथ।

*स्पष्टीकरण:* गुलाब के चाय खातिर सुगंधित करे के चक्र के सटीक नियम खुला स्रोतन में चमेली के चाय के तुलना में कम मानकीकृत बाड़ें, एही से इहाँ खास संख्या ना देहल गइल बा।

### सूखल गुलाब के कली

इहाँ चाय के पत्ती ना होला। ताजा तूड़ल कली (आमतौर पर पूरा खिले से पहिले काटल जाला ताकि रूप आ तेल बचल रहे) के सुखावल जाला — पारंपरिक रूप से छाँह में या हल्का गरम हवा से, कबो-कबो आधुनिक कोमल सुखावे के तरीका आ रंग बचावे खातिर वैक्यूम/सब्लिमेशन प्रक्रिया से। गुणवत्ता एही से तय होला कि सुगंध, पंखुड़ी के रंग आ कली के साबुतपन कतना बचल बा।

## मानक आ वर्गीकरण

चीनी मानकन के सिस्टम में गुलाब के चाय एकरे प्रकार के अनुसार अलग-अलग "शेल्फ" पर रखल जाला:

- गुलाब से सुगंधित चाय **सुगंधित चाय** (花茶) से संबंधित बा, जवना खातिर फूलन वाली चाय पर एगो सामान्य मानक ढाँचा GB/T मौजूद बा;
- शुद्ध कलियन के काढ़ा औपचारिक रूप से **代用茶 (चाय के विकल्प)** से संबंधित बा आ एकर नियमन पौधा से निकलल खाए के उत्पाद के रूप में होला, ना कि संकीर्ण अर्थ में "चाय" के रूप में।

क्षेत्रीय नाँव 平阴玫瑰 आ 苦水玫瑰 भौगोलिक संकेत के उत्पाद के रूप में संरक्षित बाड़ें। सटीक वर्तमान में लागू नंबर आ मानकन के संस्करण के जाँच वर्तमान नियामक आधार से करे के चाहीं — इहाँ जानबूझ के ना बतावल गइल बा ताकि अप्रमाणित आँकड़ा ना देहल जाव।

## स्वाद आ बनावे के तरीका

**गुलाब से सुगंधित चाय** चाय के आधार के रंग के काढ़ा देला (लाल चाय में ताँबा-लाल) जवना में ऊपरी सुर में साफ गुलाब के सुगंध, आ बीच आ अंत में टैनिन वाला, "चाय नियर" स्वाद होला। ई ढेर संरचनात्मक होला आ कई बेर पानी डालल जा सकेला।

**कलियन के काढ़ा** — हल्का, सुनहरा-गुलाबी, कोमल, फूल-मीठ, हल्का "जैम" नियर सुगंध वाला आ बिना टैनिन के कड़वाहट के; स्वाद में ई नाजुक होला आ जल्दी "साँस फूल जाला"।

बनावे खातिर दिशानिर्देश:

- **गुलाब के कली:** 200 – 250 मिली पानी खातिर 3 – 5 कली; पानी लगभग 85 – 90 °C (उबलत पानी नाजुक सुगंध के "मार" देला); 2 – 4 मिनट तक भींजे दीं, 2 – 3 बेर पानी डाल सकतारू।
- **सुगंधित चाय:** चाय के आधार के अनुसार करीं — लाल चाय खातिर गरम पानी (90 – 95 °C), छोट-छोट बेर में पानी डालीं 20 – 40 सेकंड खातिर आ समय बढ़ावत जाईं।

गुलाब के अक्सर मिला के बनावल जाला: लाल चाय के साथ — बॉडी आ गरमाहट वाला प्रोफाइल खातिर; पु-एर्ह के साथ — मटियारपन के कोमल करे खातिर; जामुन आ सूखल फलन के साथ — मिश्रण में। ई स्वाद के बात हवे, गुणन के ना।

## इतिहास आ संस्कृति

चीन में गुलाब के महत्व एक हजार साल से ढेर समय से बा — सजावटी पौधा, सुगंध के स्रोत आ खाए के सामग्री के रूप में। पंखुड़ी भरावन में (क्लासिक "गुलाब" चंद्रमा के रोटी आ पेस्ट्री), चीनी के पेस्ट में (玫瑰酱), अर्क में आ सुगंधीकरण में जाए। शानदोंग में पिंगयिन आ गांसू में कुशुई पाककला, सुगंधित द्रव्य आ चिकित्सा के चौराहा पर गुलाब उगावे के केंद्र के रूप में बिकसित भइलें।

गुलाब के स्वतंत्र "फूलन के चाय" के रूप में पिये के आदत खास तौर पर नया समय में मजबूत भइल आ कोमल, सुगंधित पेय पदार्थन के रोजमर्रा के संस्कृति के हिस्सा बन गइल। लोक परंपरा में गुलाब के "गरम करे" आ "मूड के चिकना करे" वाला प्रभाव से जोड़ल जाला, बाकिर ई सांस्कृतिक धारणा के क्षेत्र हवे, ना कि साबित चिकित्सकीय गुण, आ इहाँ एकर दावा ना कइल जात बा।

## एगो बढ़िया उत्पाद के पहचान कइसे करीं

- **लेबल पर प्रकार।** समझीं कि का खरीदत बानी: सुगंधित चाय (चाय के पत्ती के साथ) या शुद्ध कली। ई अलग-अलग पेय पदार्थ हवें।
- **कली के साबुतपन।** गुणवत्ता वाला सूखल गुलाब — ई घन, बिखरे ना पावे वाली, एक समान आकार के कली होलीं; धूर आ गिरल पंखुड़ी के बहुतायत कम दर्जा या पुरान कच्चा माल के संकेत देला।
- **रंग।** प्राकृतिक दबल-लाल, गहिरा लाल या गुलाबी-बैंगनी। अस्वाभाविक रूप से चमकीला, "रासायनिक" रंग जवन पानी के तेजी से गहिरा गुलाबी रंग देला — रंग मिलावे के संदेह के कारण।
- **सुगंध।** शुद्ध, ताजा-फूल नियर, बिना बासीलापन, फफूँद, खट्टा या तीखा "सुगंधित द्रव्य नियर" (कृत्रिम) गंध के।
- **किसिम बनाम सजावटी गुलाब।** सस्ता माल के अक्सर सुगंधित *méiguī* (玫瑰) के बजाय सजावटी *yuèjì* (月季) से बनावल जाला: अइसन कली ढेर बड़ होली, इनहन के सुगंध कमजोर होला।
- **उत्पत्ति।** पिंगयिन या कुशुई के उल्लेख मान्यता प्राप्त क्षेत्रन पर ध्यान दे के संकेत हवे, बाकिर चिह्न के असलियत के जाँच करीं।
- **सूखापन आ भंडारण।** कली पूरा तरह से सूखल होखे के चाहीं, आसानी से टूटे वाली; एकरा के रोशनी आ नमी से बचा के घन बरतन में राखे के चाहीं, ना त सुगंध महीना भर में गायब हो जाला।

अंत में "गुलाब के चाय" — ई पेय पदार्थन के एगो पूरा परिवार हवे। ई समझल कि आधार में असली चाय के पत्ती बा या खाली फूल, कवन क्षेत्र आ किसिम से गुलाब आइल बा आ ओकरा के कइसे सुखावल गइल बा — उहे गुणवत्ता वाला उत्पाद चुने के कुंजी हवे।
