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title: "फ़ुशोउशान ऊलोंग"
url: https://thetea.app/bho/article/fushou-shan-wulong
lang: bho
updated: 2026-04-08
source: THE TEA — encyclopedia of Chinese tea (https://thetea.app)
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# फ़ुशोउशान ऊलोंग (福寿山乌龙, Fúshòu shān wūlóng)

* **प्रकार:** ऊलोंग (सामान्यतः हल्का किण्वित, हरियर चाय के करीब, ऑक्सीकरण के डिग्री लगभग 10-25%).
* **श्रेणी:** ऊँच पहाड़ी ताइवानी ऊलोंग (Gao Shan Cha).
* **उत्पत्ति:** ताइवान (台湾, Táiwān), ताइझोंग काउंटी (台中县, Táizhōng Xiàn), **फ़ुशोउशान पर्वतीय क्षेत्र (福寿山, Fúshòu Shān), जवन ली शान (梨山, Lí Shān) पर्वत श्रृंखला के हिस्सा ह।**
* **भौगोलिक निर्देशांक:** लगभग 24°15' उत्तरी अक्षांस, 121°15' पूर्वी देशांतर (फ़ुशोउशान पर्वत खातिर)।

**2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:**

* **इतिहास:** ताइवान के अउरी ऊँच पहाड़ी ऊलोंग नियन, फ़ुशोउशान ऊलोंग एगो अपेक्षाकृत नया चाय ह। एकर इतिहास 1970 के दशक में शुरू भइल, जब चाय किसान ऊलोंग उगावे खातिर नया भौगोलिक क्षेत्रन के खोज में ताइवान के ऊँच पहाड़ी इलाकन के विकसित करे लगले। ली शान के ऊँचाई पर स्थित फ़ुशोउशान क्षेत्र एह खातिर खास तौर पर सफल साबित भइल। सुरुआत में ई जगह एगो फल के बगइचा रहे, बाद में एकरा चाय बागान में बदल दिहल गइल।
* **नाँव:**

	* "फ़ुशोउशान" (福寿山) – ऊ पहाड़ आ क्षेत्र के नाँव जहाँ चाय उगावल जाला। "फ़ू" (福) माने "सुख", "शोउ" (寿) – "दीर्घायु", आ "शान" (山) – "पहाड़"। सब मिलाके - "सुख आ दीर्घायु के पहाड़"।
	* "ऊलोंग" (乌龙) – "करिया अजगर", अर्ध-किण्वित चाय के समूह खातिर सामान्य नाँव।
* **सांस्कृतिक महत्व:** फ़ुशोउशान ऊलोंग के ताइवान के सबसे प्रतिष्ठित आ महँग ऊँच पहाड़ी ऊलोंग में से एक मानल जाला। एकर बहुत शुद्ध, ताजा स्वाद, तेज फूल के सुगंध, खासकर ऑर्किड के मजबूत पुट, आ बार-बार बनावे के क्षमता खातिर एकर मूल्य आँकल जाला। ई चाय एह क्षेत्र के गौरव ह आ ताइवान आ एकरे बाहर दुन्नो जगह बहुत पसंद कइल जाला।

**3. वानस्पतिक विवरण आ कच्चा माल:**

* **किसिम:** फ़ुशोउशान ऊलोंग बनावे खातिर मुख्य रूप से निम्न किसिम के इस्तेमाल होला:
	* **चिंग शिन ऊलोंग (青心乌龙, Qīng Xīn Wūlóng):** "हरियर दिल ऊलोंग" – ऊँच पहाड़ी ताइवानी ऊलोंग खातिर सबसे आम किसिम, जे अपना तेज फूल के सुगंध खातिर जानल जाला।
	* **जिन श्वान ([金萱](https://thetea.app/bho/article/jin-xuan), Jīn Xuān):** "सोनहा फूल" (एकरा "दूध वाला ऊलोंग नंबर 12" के नाँव से भी जानल जाला)। ई किसिम ताइवान में विकसित भइल रहे आ एकर हल्का मलाईदार सुगंध खास बा (प्राकृतिक रूप में बहुत कम मिलेला)।
	* **चुई यू (翠玉, Cuì Yù):** "मरकतमणि" (एकरा "ऊलोंग नंबर 13" के नाँव से भी जानल जाला)। एकर ताजगी भरल स्वाद आ सुगंध खातिर महत्व दिहल जाला।
* **तुड़ाई:** मुख्य रूप से बसंत आ जाड़ा में तोड़ल जाला। बसंत के फ़ुशोउशान सबसे नीक मानल जाला, जबकि जाड़ा के सबसे सुगंधित, लेकिन स्वाद में थोड़ा कम गहिराह होला। एकरे अलावा, फ़ुशोउशान में, बहुत ऊँचाई के कारन, चाय अक्सर **गर्मी के सुरुआत** में तोड़ल जाला, जवन दोसर इलाकन खातिर सामान्य ना होला।
* **तुड़ाई के मापदंड:** एगो कली आ दू-तीन गो ऊपरी पत्ती तोड़ल जाला।
* **कच्चा माल के आवश्यकता:** बहुत ऊँच। खाली जवान, बिना क्षतिग्रस्त, रसदार पत्ती आ कली के इस्तेमाल होला।

**4. भौगोलिक वातावरण आ उगावे के खासियत:**

* **फ़ुशोउशान पर्वतीय क्षेत्र:** ई क्षेत्र ली शान पर्वत श्रृंखला के हिस्सा ह आ इहाँ चाय बागान बहुत ऊँचाई पर बा। सुरुआत में फ़ुशोउशान पहाड़ पर एगो फल के बगइचा रहे, जेकर स्थापना 1950 के दशक में भइल रहे। बाद में एह क्षेत्र के कुछ हिस्सा चाय बागान खातिर दे दिहल गइल।
* **ऊँचाई:** चाय बागान **समुंद्र तल से 1800 से 2500 मीटर** के ऊँचाई पर स्थित बाड़ें, जेकरा चलते ई चाय ताइवान के सबसे ऊँच पहाड़ी चाय में से एक बन जाले। एतना ऊँचाई पर उगावल जाए फ़ुशोउशान ऊलोंग के एगो मुख्य खासियत ह।
* **माटी:** फ़ुशोउशान क्षेत्र के माटी जैविक पदार्थ आ खनिज से भरपूर बा। जल निकासी अच्छा बा।
* **जलवायु:** ठंडा तापमान, उच्च आर्द्रता, बार-बार कोहरा, ढेर धूप वाला दिन, आ दिन-रात के तापमान में काफी अंतर वाला अनोखा सूक्ष्म जलवायु। औसत सालाना तापमान लगभग 12-15°C (2000 मीटर से ऊपर के ऊँचाई पर) होला। जाड़ा ठंडा होला, कबो-कबो बर्फ भी पड़ेला। अइसन स्थिति चाय के पत्ती के धीरे-धीरे बढ़े आ ओहमें सुगंधित पदार्थ आ अमीनो एसिड जमा होखे में मदद करेला।
* **कोहरा:** बार-बार होखे वाला कोहरा चाय बागान के ढक लेला, पत्ती के सीधा सुरुज के रोशनी से बचावेला, जेकरा से ऊ अउरी कोमल हो जाले आ एकरा एगो खास मिठास भरल स्वाद मिलेला।
* **पारिस्थितिकी:** फ़ुशोउशान क्षेत्र के पारिस्थितिकी साफ-सुथरी बा, जेकर चाय के गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेला।
* **खासियत:** ऊँच पहाड़ी खेती (चाय गाओ शान) फ़ुशोउशान ऊलोंग के एकर विशेष लक्षण देला: महीन सुगंध, मीठ स्वाद, लम्बा बाद के स्वाद, आ ढेर मात्रा में लाभकारी पदार्थ, खासकर अमीनो एसिड।

**5. उत्पादन के तकनीक:**

* **तुड़ाई (采摘 - cǎi zhāi):** ऊपर बतावल गइल बा। हाथ से कइल जाला।
* **मुरझाव (萎凋 - wěidiāo):** तोड़ल गइल पत्ती के खुला हवा में (आमतौर पर छाँह में मुरझाव) भा घर भीतरे बिछावल जाला। ई चरण मौसम आ नमी के हिसाब से कुछ घंटा से लेके पूरा दिन ले चल सकेला। मकसद पत्ती से कुछ नमी हटावल, ओकरा नरम बनावल आ किण्वन प्रक्रिया शुरू करल होला।
* **झटकार (摇青 - yáo qīng):** बाँस के ट्रे पर पत्ती के सावधानी से झटकारल आ बिलोरल जाला जेसे ऑक्सीकरण प्रक्रिया शुरू हो सके। ई चरण बीच-बीच में पत्ती के "आराम" देत कई बेर दोहरावल जाला। फ़ुशोउशान ऊलोंग खातिर झटकार आमतौर पर बहुत सावधानी से कइल जाला ताकि पत्ती के कोमलता आ महीन सुगंध बचल रहे।
* **किण्वन (发酵 - fājiào):** ऑक्सीकरण प्रक्रिया जवन झटकार आ पत्ती के "आराम" के दौरान होला। फ़ुशोउशान ऊलोंग हल्का किण्वित ऊलोंग ह, एकर किण्वन के डिग्री आमतौर पर 10-25% से ढेर ना होला। एहसे चाय के सुगंध में ताजगी आ फूल के पुट बचल रहेला।
* **'हरियर के मार डाल' (杀青 - shā qīng):** किण्वन प्रक्रिया रोके खातिर ऊँच तापमान पर भूनल।
* **लपेटाइल (揉捻 - róuniǎn):** पत्ती के लपेटल जाला, जेसे ओकरा खास आधा गोलाई के आकार मिले।
* **सुखावल (烘干 - hōnggān):** चाय के सुखावल जाला ताकि नमी दूर हो जाए आ आकार तय हो जाए।
* **छाँटल (分级 - fēnjí):** बनल-बनावल चाय के आकार आ गुणवत्ता के हिसाब से छाँटल जाला।

**6. इंद्रियगत विशेषताएँ:**

* **सूखल पत्ती के बाहरी रूप:** कस के लपेटल, आधा गोला भा दाना के रूप में चाय के पत्ती, आकार मझोला से बड़। रंग मरकतमणि जइसन हरियर से गहिरा हरियर ले, हल्का चमकदार। कली (टिप्स) हो सकेला जे हल्का रोआँ से ढँकल होखे।
* **सूखल पत्ती के सुगंध:** बहुत ताजा, तेज, फूल के सुगंध खास तौर पर (ऑर्किड, गार्डेनिया, कामुदिनी), मलाईदार, फल (आड़ू, लीची, खरबूजा) आ घास जइसन महक वाली। कबो-कबो हल्का शंकुधारी आ अखरोट के पुट भी पकड़ में आ सकेला। एगो खास "ऊँच पहाड़ी" सुगंध – शुद्ध, ठंडक भरल, पहाड़ी हवा आ कोहरा के आभास वाली। फ़ुशोउशान ऊलोंग के सुगंध खासतौर पर **तीखा आ टिकाऊ होला, जेमें ऑर्किड के पुट प्रमुख होला**।
* **अर्क के सुगंध:** भरपूर, फूलदार, मीठ, मलाई, फल, हरियाली आ शहद के पुट वाली। बहुत टिकाऊ, "जीवित" आ शुद्ध। फ़ुशोउशान ऊलोंग के सुगंध में अक्सर एगो खास **"ऊँच पहाड़ के मिठास"** होला।
* **स्वाद:** बहुत कोमल, नरम, ढक लेवे वाला, मीठ, हल्का कसैलापन आ ताजगी देवे वाला, लम्बा बाद के स्वाद वाला। गुलदस्ता में फूल के पुट प्रमुख होला, मलाई, फल (सफेद आड़ू, लीची), हरियाली, कबो-कबो हल्का खटास के बारीक-बारीक अंतर के साथ। ऊँच पहाड़ी चाय, जेमें फ़ुशोउशान आवेला, अमीनो एसिड के ढेर मात्रा के कारन एगो खास "मिठास आ कोमलता" लिहले होला, साथ ही एगो खास "पहाड़ी धुन" – ताजगी, शुद्धता आ "ठंडक" के एगो जटिल अहसास, जेकरा शब्दन में बतावल मुश्किल बा। फ़ुशोउशान ऊलोंग के स्वाद के अक्सर **"शुद्ध", "पारदर्शी", "सुरुचिपूर्ण"** बतावल जाला।
* **अर्क के रंग:** हल्का पीयर, सोनहा-हरियर, पारदर्शी, शुद्ध, तेज चमक वाला। कबो-कबो एकरा "मरकतमणि रंग" भी कहल जाला।
* **चाय के तली (पानी में खुलल पत्ती):** पूरा, लचकदार पत्ती, जवन बनला के बाद खुल जाले, मरकतमणि हरियर रंग के।

**7. रसायनिक संरचना:**

फ़ुशोउशान ऊलोंग में भरपूर:
* **पॉलीफेनोल (कैटेचिन):** शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट।
* **अमीनो एसिड:** अमीनो एसिड के बहुत ढेर मात्रा, खासकर L-थिएनिन, जवन चाय के मीठ स्वाद खातिर जिम्मेदार होला आ शांत करे वाला प्रभाव राखेला। थिएनिन के ढेर मात्रा ऊँच पहाड़ी चाय के एगो खास पहचान ह।
* **विटामिन:** C, समूह B, E, K।
* **खनिज:** पोटैशियम, फ्लोरीन, मैग्नीशियम, मैंगनीज।
* **कैफीन:** कैफीन के मात्रा मध्यम होला।

**8. फायदेमंद गुण:**

* **एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव:** कोशिका के मुक्त कण से होखे वाला नुकसान से बचावेला, बुढ़ापा के प्रक्रिया धीमा करेला।
* **रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत:** संक्रमण के प्रति शरीर के प्रतिरोध बढ़ावेला।
* **पाचन में सुधार:** पाचन उत्तेजित करेला, भोजन के पचाये में मदद करेला।
* **टॉनिक प्रभाव:** हल्का स्फूर्ति देवेला, एकाग्रता सुधारेला, थकान दूर करेला।
* **आराम देवे वाला प्रभाव:** L-थिएनिन के ढेर मात्रा के कारन, फ़ुशोउशान ऊलोंग तनाव कम करे, मूड सुधारे, आराम देवे में मदद करेला, जबकि नींद ना लावेला।
* **ताजगी देवे वाला प्रभाव:** प्यास बुझावे खातिर बढ़िया, खासकर गर्मी के मौसम में।
* **हृदय-रक्त वाहिका तंत्र:** "खराब" कोलेस्ट्रॉल के स्तर कम करे में मदद कर सकेला, रक्त वाहिका के देवार मजबूत करेला।
* **त्वचा के स्थिति में सुधार:** एंटीऑक्सीडेंट आ विटामिन के कारन, चाय रंगत निखारे आ त्वचा के लचक बढ़ावे में मदद करेला।

**9. बनावे के तरीका:**

* **पानी के तापमान:** 85-95°C (चाय के गुणवत्ता आ वांछित कड़कपन के हिसाब से)। सबसे कोमल बसंत के तुड़ाई आ कली वाला चाय खातिर 80-85°C के पानी इस्तेमाल करल बेहतर होई। खउलत पानी ना इस्तेमाल करीं, ताकि कोमल पत्ती "जर" ना जाए।
* **चाय के मात्रा:** 150-200 मिलीलीटर पानी खातिर 5-7 ग्राम।
* **बर्तन:** गाइवान, इसीं के माटी के चायदानी, चाहे चीनी मिट्टी के बर्तन। माटी चाय के स्वाद आ सुगंध के अधिकतम रूप से खुलल मौका देई।
* **प्रक्रिया:**

	1. बर्तन के खउलत पानी से गरम करीं।
	2. चाय के गाइवान भा चायदानी में डालीं।
	3. चाय पर पानी डालीं आ तुरते निकार दीं (चाय धोवे खातिर)।
	4. फेर से चाय पर पानी डालीं आ 30 सेकंड से 1 मिनट ले भीगे दीं (पहिला बूँद)।
	5. अरक के प्याला में ढार दीं।
	6. 5-7 बेर (कबो-कबो ओकरा से ढेर) दोबारा बनाईं, हर अगिला बूँद के साथ भीगे के समय 15-30 सेकंड धीरे-धीरे बढ़ावत जाईं।

**10. भंडारण:**

फ़ुशोउशान ऊलोंग के सूखा, ठंडा, अँधेरा वाला जगह पर, हवा बंद डिब्बा में, बाहरी गंध से दूर रखल जाए के चाहीं। आदर्श रूप में – फ्रिज में, अलग हिस्सा में।
**11. कीमत आ नकली:**

फ़ुशोउशान ऊलोंग कुलीन ऊँच पहाड़ी ताइवानी ऊलोंग के श्रेणी में आवेला आ आमतौर पर बहुत महँग होला। कीमत कच्चा माल के गुणवत्ता, उगावे के ऊँचाई (जेतना ऊँच, ओतना महँग), तुड़ाई के मौसम (बसंत के चाय महँग), उत्पादक के प्रतिष्ठा, साथ ही फ़ुशोउशान क्षेत्र के सटीक स्थान आ खरीदारी के जगह पर निर्भर करेला।
**नकली से कइसे बचीं:**

* **विश्वसनीय बिक्रेता से खरीदीं:** अच्छा प्रतिष्ठा वाला विशेष चाय के दुकान खोजीं, जवन चाय के उत्पत्ति के जानकारी दे सके।
* **बहुत कम कीमत से सावधान रहीं:** बहुत कम कीमत पर शक होखे के चाहीं। असली फ़ुशोउशान ऊलोंग सस्ता ना हो सके।
* **बाहरी रूप के ध्यान से देखीं:** चाय के पत्ती कस के लपेटल, एक समान रंग के, बिना टूटन-फूटन आ धूर के होखे के चाहीं।
* **सुगंध के आँकलन करीं:** सूखा चाय में ताजा, फूलदार सुगंध आ खास ऊँच पहाड़ी पुट होखे के चाहीं।
* **अरक के जाँच करीं:** अरक के रंग हल्का पीयर भा सोनहा-हरियर, पारदर्शी होखे के चाहीं।

**12. रोचक तथ्य:**

* **"फल के बगइचा":** सुरुआत में, जहाँ आज फ़ुशोउशान के चाय बागान बाड़ें, उहाँ 1950 के दशक में स्थापित एगो फल के बगइचा रहे।
* **ऊँच पहाड़ी चाय (Gao Shan Cha):** ताइवान में समुंद्र तल से 1000 मीटर से ऊपर उगावल चाय के "गाओ शान चा" – ऊँच पहाड़ी चाय कहल जाला। इनकर खास, परिष्कृत स्वाद आ सुगंध खातिर मूल्य आँकल जाला।
* **चाय प्रतियोगिता:** ताइवान में नियमित रूप से चाय प्रतियोगिता आयोजित होखेला, जेमें फ़ुशोउशान ऊलोंग अक्सर पुरस्कार जीतेला।
* **सीमित उत्पादन:** बहुत ऊँचाई पर उगावल जाए आ जटिल जलवायु के कारन, फ़ुशोउशान ऊलोंग के उत्पादन बहुत सीमित बा।

**13. अउरी ऊँच पहाड़ी ऊलोंग से तुलना:**

* **आलीशान (阿里山):** फ़ुशोउशान के अक्सर आलीशान ऊलोंग से तुलना होला, काहे कि दुन्नो चाय ऊँच पहाड़ी ताइवानी ऊलोंग हईं आ इनकर विशेषता एक समान बा। हालाँकि, फ़ुशोउशान में आमतौर पर अधिक स्पष्ट, "ठंडक" भरल आ "शुद्ध" स्वाद होला, जेमें तेज फूल के पुट होला, जबकि आलीशान थोड़ा अधिक मलाईदार आ फलदार हो सकेला। फ़ुशोउशान आमतौर पर अधिक ऊँचाई पर उगावल जाए आ कम उत्पादन के कारन महँग भी होला।
* **ली शान (梨山):** फ़ुशोउशान ली शान पर्वत श्रृंखला के हिस्सा ह। कुल मिलाके, एह क्षेत्रन के चाय बहुत एक समान होखेला, लेकिन फ़ुशोउशान आमतौर पर अधिक ऊँचाई (बागान ली शान के औसत से ऊपर स्थित बाड़ें) आ एकरे चलते कम उत्पादन के कारन महँग होला। एकरे अलावा, मानल जाला कि फ़ुशोउशान में अधिक शक्तिशाली "पहाड़ी धुन" होला।
* **दा यू लिंग (大禹嶺):** दा यू लिंग ताइवान के सबसे ऊँच पहाड़ी चाय क्षेत्र ह (2600 मीटर से ऊपर)। ओहिजा के चाय एकरा से भी अधिक महीन आ परिष्कृत स्वाद खातिर जानल जाला, लेकिन कीमत भी एकरा से भी ढेर होला। फ़ुशोउशान के दा यू लिंग के "छोट भाई" मानल जा सकेला, जेकर विशेषता मिलत-जुलत बा, लेकिन थोड़ा कम स्पष्ट।
* **दोंग दिंग (冻顶):** दोंग दिंग मध्यम भुनल ऊलोंग ह, जेकर स्वाद अधिक गहिराह होला, जेमें अखरोट आ कारमेल के पुट होला। जबकि फ़ुशोउशान अधिक हल्का आ ताजा चाय ह जेमें फूल के पुट हावी होला।

**14. सेवन के संस्कृति:**

* **गोंगफू चा:** फ़ुशोउशान ऊलोंग, ताइवान के अउरी ऊँच पहाड़ी ऊलोंग नियन, गोंगफू चा – पारंपरिक चीनी चाय अनुष्ठान – के तरीका से बनावे खातिर आदर्श बा। ई तरीका चाय के स्वाद आ सुगंध के अधिकतम रूप से खोले आ एह प्रक्रिया के आनंद लेवे के मौका देला।
* **बर्तन:** बनावे खातिर गाइवान भा इसीं के माटी के छोट चायदानी के इस्तेमाल सबसे नीक होला। खुलत पत्ती के सुंदरता के निहारे खातिर पारदर्शी काँच के बर्तन भी ठीक बा।
* **भोजन के साथ संयोजन:** फ़ुशोउशान ऊलोंग के भोजन के साथ लेवे के सलाह ना दिहल जाला, ताकि एकर महीन स्वाद आ सुगंध दब ना जाए। ई चाय अलग से पीयल बेहतर होला, हर घूँट के आनंद लेत।
* **दिन के समय:** ई चाय दिन में कवनो भी समय पीयल जा सकेला, लेकिन ई खास तौर से सबेरे आ दिन के चाय खातिर उपयुक्त बा, काहे कि एकर हल्का टॉनिक प्रभाव होला।

**15. चुनाव खातिर सिफारिस:**

* **मौसम:** तुड़ाई के मौसम पर ध्यान दीं। बसंत के तुड़ाई सबसे ऊपर मानल जाला, जाड़ा के – गुणवत्ता में दोसरा।
* **ऊँचाई:** याद राखीं कि बागान जेतना ऊँच, आमतौर पर चाय के गुणवत्ता ओतने बेहतर (आ कीमत ढेर)।
* **किसिम:** अगर आप अपना पसंद के बारे में निश्चित ना हईं, त चिंग शिन ऊलोंग सबसे आम आ सफल विकल्प बा।
* **बाहरी रूप:** एक समान आकार आ रंग के, बिना टूटन-फूटन आ धूर के कस के लपेटल चाय के पत्ती खोजीं।
* **सुगंध:** सूखल रूप में चाय से तीखा, ताजा, फूलदार सुगंध आवे के चाहीं।

**आखिर में:**

फ़ुशोउशान ऊलोंग एगो कुलीन ऊँच पहाड़ी चाय ह जेकर चरित्र बेजोड़ बा, एकर निर्माण ताइवान के सबसे ऊँच चाय क्षेत्रन में से एक के अनोखा स्थितियन में भइल बा। "सुख आ दीर्घायु के पहाड़" के ढलान पर 1800 मीटर से अधिक ऊँचाई पर उगावल गइल एकर कोमल, लपेटल पत्ती पहाड़ी हवा के ताजगी, अल्पाइन फूलन के सुगंध आ कोहरा के ठंडक सोख लिहले बा। ई चाय महीन फूल के सुगंध वाला, अविश्वसनीय रूप से कोमल, मीठ स्वाद आ लम्बा, ताजगी देवे वाला बाद के स्वाद वाला अरक देला। असली फ़ुशोउशान ऊलोंग के चखल माने ताइवानी ऊलोंग के अद्भुत दुनिया के खोज करल, ऊँच पहाड़ के जादू के महसूस करल आ सच्चा चाय कला के आनंद लेब। ई चाय खास मौका खातिर, आराम से, सोच-समझ के चाय पीये खातिर ह, जब मन करे ध्यान के दुनिया में डूबे के, हर घूँट, स्वाद-सुगंध के हर बारीकी के आनंद लेवे के आ बेमिसाल गैस्ट्रोनॉमिक आ सौंदर्यपरक सुख के अनुभव करे के। फ़ुशोउशान ऊलोंग खाली पेय पदार्थ ना ह, बलुक एगो सच्चा चाय खजाना ह, जवन खाली सच्चा पारखी लोग खातिर सुलभ बा।
