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title: "जौ के चाय"
url: https://thetea.app/bho/article/damai-cha
lang: bho
updated: 2026-07-31
source: THE TEA — encyclopedia of Chinese tea (https://thetea.app)
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# जौ के चाय (大麦茶, dàmài chá)

जौ के चाय (大麦茶, *dàmài chá*) — इ एगो गरम भा ठंढा पेय हवे जे साधारण जौ (Hordeum vulgare) के भुनल दाना से बने ला आ पूरबी एशिया के रोजमर्रा के संस्कृति में गहराई से समा गइल बा। नाँव में "चाय" शब्द के बावजूद, एकर चाय के झाड़ी Camellia sinensis से कवनो संबंध ना बा: इ एगो अनाज के पेय हवे, जे चीनी प्रणाली में चाय के विकल्प (代用茶, *dàiyòng chá*) के श्रेणी में आवे ला। एह पेय में कैफीन ना होला आ एकर एगो खास भुनल, ब्रेड जइसन-अखरोट के स्वाद होला, जे दाना के भुनाई से पैदा होला, ना कि कवनो खास किसिम उगावे से। चीन में दामाइचा के रोज के साधारण पेय के रूप में पियल जाला, चिकनाहट भा भारी भोजन के बाद परोसल जाला आ कोरियाई आ जापानी भोजनालय में एकर खूब इस्तेमाल होला। एकर कोरियाई बोरिचा (보리차) आ जापानी मुगिचा (麦茶, *mugicha*) से गहिराह संबंध बा, आ "बिधा" के हिसाब से इ दूसर अनाज आ बीज के पेय सभ के करीब आवे ला — जइसे कि तातारी कुट्टू के चाय ([苦荞茶](https://thetea.app/bho/article/kuqiaomai), *kǔqiáo chá*). नीचे एह उत्पाद के एगो स्वतंत्र परंपरा के रूप में देखल गइल बा जेकर आपन तकनीक आ पीये के संस्कृति बा, ना कि "असली" चाय के विकल्प के रूप में।

**1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:**

*   **प्रकार:** भुनल जौ के दाना से बनल अनाज के पेय; चाय के विकल्प (代用茶, *dàiyòng chá*)।
*   **वानस्पतिक प्रजाति:** साधारण जौ (Hordeum vulgare), परिवार घास (Poaceae, पुरान Gramineae)।
*   **श्रेणी:** गैर-चाय, पेड़-पौधा (अनाज) से बनल पेय।
*   **कैफीन:** अनुपस्थित।
*   **सभसे करीबी समकक्ष:** बोरिचा (कोरिया), मुगिचा (जापान); संबंधित बिधा — 苦荞茶 (*kǔqiáo chá*)।

इहाँ सीधा ईमानदारी जरूरी बा। दामाइचा में ना त पत्ती होला, ना चाय के पौधा Camellia sinensis के कवनो अउरी हिस्सा। वानस्पतिक आ उत्पाद बिज्ञान के नजरिया से इ चाय ना हवे, बलुक एगो अनाज के पेय हवे। चीनी वर्गीकरण में अइसन उत्पाद सभ 代用茶 (*dàiyòng chá*) के रूप में आवे लें — "चाय-विकल्प": एह में पेड़-पौधा के कच्चा माल (जड़ी-बूटी, फूल, बीज, दाना, जड़) के सामिल कइल जाला जेकरा चाय के तरीका से बनावल जाला, लेकिन जे चाय ना हवे। एह दर्जा से उत्पाद के महत्व कम ना होला: जौ के पेय के आपन सदियन पुरान परंपरा बा, भुनाई के आपन तकनीक आ बनावे के आपन नियम बा, आ एकरा के चाय के नकल के रूप में ना, बलुक एगो अलग पेय के रूप में देखल ठीक होई।

**2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:**

*   **संस्कृति के प्राचीनता:** जौ — मनुष्य द्वारा पालतू बनावल गइल सभसे पहिले के अनाज सभ में से एगो हवे, जे प्राचीन समय में नजदीकी पूरब में अपनावल गइल।
*   **पेय के प्रचलन के क्षेत्र:** चीन, कोरियाई प्रायद्वीप, जापान।
*   **रोजमर्रा के भूमिका:** रोज के पेय, "स्वाद वाला पानी", भोजन के साथे।

अनाज के भून के ओकरा पर उबलत पानी डाले के रिवाज पुरान आ ब्यवहारिक बा: भुनाई से पेय सुगंधित हो जाला, आ पानी उबाला से सुरक्षित। कोरिया में बोरिचा पारंपरिक रूप से पीये के पानी के जगह ले लेला आ साल भर घर आ रेस्तरां सभ में परोसल जाला। जापान में मुगिचा — इ एगो क्लासिक गर्मी के पेय हवे, जेकरा ठंढा क के पियल जाला आ हर जगह बोतल में बेचल जाला। चीन में दामाइचा घर के "रोजमर्रा" के पेय के रूप में, आ चिकनाहट मांस के ब्यंजन, कबाब आ कोरियाई बारबेक्यू के साथे एगो अनिवार्य जोड़ के रूप में अस्थापित हो गइल बा, जहाँ एकरा मुँह के स्वाद "तरोताजा" करे के क्षमता खातिर सराहल जाला।

**3. वानस्पतिक बिबरण आ कच्चा माल:**

*   **पौधा:** एगो सालाना घास जेकर सीधा डंठल-तिनका आ लमहर छड़ के साथे बाली होला।
*   **कच्चा माल:** पाकल सूखल दाना (बीज) जौ के।
*   **किसिम:** दू-पंक्ति आ छ:-पंक्ति के रूप; अलग से नंगा दाने वाला (बिना छिलका वाला) जौ के चिन्हित कइल गइल बा।

पेय खातिर साधारण जौ (Hordeum vulgare) के पाकल दाना के इस्तेमाल होला। रोजमर्रा के इस्तेमाल में कबो-कबो जौ के साथे मिलत-जुलत इस्तेमाल वाला ऊँच पहाड़ी "नंगा दाने वाला" जौ — चिंगके (青稞, *qīngkē*) — के मिला दिहल जाला, जेकरा वानस्पतिक रूप से ओही प्रजाति के एगो किसिम मानल जाला। खुदरा में उप-प्रजाति के हिसाब से कवनो खास बैच के बिबरण आमतौर पर ना दिहल जाला, आ पेय के गुणवत्ता खातिर खास किसिम से ढेर महत्वपूर्ण दाना के सफाई आ भुनाई के डिग्री होला।

**4. टेरुआर आ उगावे के खासियत:**

*   **मुख्य क्षेत्र:** जौ के बड़ा पैमाना पर उगावल जाला — चीन के उत्तर-पूरब में, भीतरी मंगोलिया में, गांसू आ चिंगहाई प्रांत में, ज्यांगसू, झेजियांग, युन्नान में, आ नंगा दाने वाला रूप — तिब्बत के ऊँच पठार पर।
*   **कृषि बिज्ञान:** ठंढा सह सके वाला आ अपेक्षाकृत सूखा सह सके वाला फसल जेकर बढ़ती के समय छोट होला।
*   **बोआई के रूप:** बसंतिया आ जाड़ा के जौ।

जौ — एगो बेपरवाह ब्यापारिक फसल हवे, जे ओहिजा फसल दे सके ला जहाँ गोहूँ ना उपज सके: पहाड़ पर, खराब भा नमकीन माटी में, छोट गर्मी में। एही से, "टेरुआर" ओह अरथ में जइसन उम्दा चाय खातिर समझल जाला, इहाँ कमजोर बा: दामाइचा खातिर कच्चा माल — इ, आमतौर पर, साधारण खाद्यान्न भा खास रूप से चुनल गइल दाना होला, आ पेय के स्वाद मुख्य रूप से भुनाई के चरण में बने ला, ना कि खेत में।

**5. उत्पादन के तकनीक:**

*   **सामान्य चरण:** सफाई आ आकार अनुसार छाँटल → (कबो-कबो) गिला भा भाप में पकावल → सुखावल → भुनाई → ठंढा क के छाँटल → पैकिंग।
*   **मुख्य प्रक्रिया:** भुनाई, जेकरे दौरान माइलार प्रतिक्रिया आ कैरामेलाइजेशन होला, जे रंग, सुगंध आ स्वाद देला।

भुनाई के डिग्री:

*   **हल्का भुनाई:** हल्का रंग के दाना, पेय सुनहरा-पुआल रंग के, स्वाद में ढेर "हरियर" अनाज आ ब्रेड के सुर, हल्का मिठास।
*   **बीच के भुनाई:** संतुलित विकल्प, अखरोट आ "टोस्ट" के सुर, एम्बर रंग के पेय — सभसे ढेर प्रचलित।
*   **गहिरा भुनाई:** दाना गहिरा भूअर रंग के, पेय गहिरा, स्वाद में कॉफी-कैरामेल आ हल्का कड़वाहट के सुर आवे लें।

बिक्री के रूप:

*   **साबुत दाना:** क्लासिक रूप; एकरा खातिर ढेर देर ले पानी में डाल के रखे भा उबाले के जरूरत होला, बदले में पेय सुगंधित होला आ कई बेर पानी डाल के बनावल जा सके ला।
*   **कुटल दाना:** संपर्क के ढेर सतह होखे के कारण ई जल्दी स्वाद दे देला, जल्दी बनावे खातिर सुविधाजनक बा, लेकिन पेय गंदला होला।
*   **फिल्टर-पैकेट में:** हिस्सा के हिसाब से सभसे ढेर सुविधाजनक आ स्थाई; भीतर — कुटल दाना भा दलिया होला, निकास जल्दी होला, लेकिन आँख से कच्चा माल के गुणवत्ता परखल मुश्किल होला।

**6. संवेदी विशेषताएँ:**

*   **पेय के रंग:** हल्का भुनाई पर सुनहरा-पुआल से ले के गहिरा भुनाई पर गहिरा एम्बर आ भूअर तक।
*   **सुगंध:** सेंकल ब्रेड, अनाज, अखरोट; गहिरा भुनाई पर — कैरामेल आ कॉफी के सुर।
*   **स्वाद:** कोमल, हल्का मीठ, "अनाज जइसन", भुनाई के गहिराई के साथे; चाय के टैनिन के कसैलापन ना होला।
*   **बाद के स्वाद:** साफ, भुनल-अखरोट जइसन, छोटका।

दामाइचा के खास तारीफ एकर पीये लायक होखे आ तीखापन के कमी खातिर कइल जाला: इ चाय नियर कड़वा ना होला, मुँह ना सुखावे ला आ गरम आ ठंढा दुनों रूप में पियास बुझावे में बढ़िया काम करे ला।

**7. रासायनिक संघटन:**

*   **कार्बोहाइड्रेट:** दाना के स्टार्च आ खाद्य रेशा, जेह में बीटा-ग्लूकन सामिल बा; पेय में घुलनशील शक्कर के खाली छोट हिस्सा जाला।
*   **प्रोटीन आ अमीनो एसिड:** दाना में मौजूद बा; पेय में बहुत कम मात्रा में पहुँचे ला।
*   **विटामिन आ खनिज:** समूह B के यौगिक, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस।
*   **भुनाई के उत्पाद:** मेलानोइडिन आ सुगंधित यौगिक (जेह में एल्काइलपाइराजिन सामिल बा), जे रंग आ गंध बनावे लें।
*   **कैफीन:** अनुपस्थित।
*   **ग्लूटेन:** जौ — ग्लूटेन वाला अनाज हवे, असहिष्णुता वाला लोग खातिर एकर ध्यान रखल जरूरी बा।

इ याद राखल जरूरी बा कि पेय एगो पतला अर्क हवे: स्टार्च आ प्रोटीन के मुख्य भार दाना में रह जाला, आ कप में मुख्य रूप से सुगंधित पदार्थ, घुलनशील कार्बोहाइड्रेट, खनिज आ भुनाई के रंगीन उत्पाद सभ के हिस्सा पहुँचे ला।

**8. उपयोगी गुण:**

*   **चीनी रोजमर्रा के परंपरा में एकरा बारे में का सोचल जाला:** दामाइचा के "पाचन में मदद" (消食, *xiāoshí*) आ भारी भोजन के बाद "चिकनाहट के एहसास के दूर करे" (解腻, *jiěnì*) के क्षमता से जोड़ल जाला, साथे ही गर्मी में "ठंढक" (清热, *qīngrè*) से भी।
*   **बिज्ञान खातिर का दिलचस्प बा:** भुनल दाना के मेलानोइडिन सभ के एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि पर चर्चा होला; ब्यवहारिक फायदा — कैफीन रहित पेय, शाम के पीये खातिर उपयुक्त आ उ लोग खातिर जेकरा कैफीन उचित ना होखे।

उपर दिहल गइल सब बात सांस्कृतिक धारणा आ शोध के बिसय बा, ना कि इलाज के वादा। जौ के चाय — एगो खाद्य पेय हवे, दवाई ना; खुदरा बिक्री के स्वास्थ्य संबंधी दावा एह लेख के दायरा से बाहर बा।

तटस्थ सावधानी, जेकर जिकिर करे के रिवाज बा: संयम बरते; ध्यान राखीं कि उत्पाद में ग्लूटेन होला आ सीलिएक रोग आ असहिष्णुता में उपयुक्त ना बा; कुछ पारंपरिक स्रोत सभ में दूध पियावे वाली महिला सभ के सावधानी बरते के सलाह दिहल जाला (इ मुख्य रूप से माल्ट आ अंकुरित दाना — 麦芽, *màiyá* — से जुड़ल बा, जे लोक ब्यवहार में दूध उत्पादन पर परभाव से जोड़ल जाला, जबकि भुनल दाना ओह लोग से अलग होला); नियमित दवाई लेत रहे पर बिसेसज्ञ से सलाह लेब बुद्धिमानी बा। इ जानल-मानल सावधानियन के सूची बा, ना कि सिफारिश भा खुराक।

**9. बनावे के तरीका:**

*   **अनुपात (साबुत दाना):** लगभग 20 — 30 ग्राम प्रति 1 लीटर पानी; कुटल दाना खातिर कम लेत बानी।
*   **तापमान:** 90 — 100 °C (ताजा उबलत पानी)।
*   **बर्तन:** उबाले खातिर केतली भा पतीली, थरमस, ठंढा पेय खातिर काँच के जग।
*   **समय:** उबलत पानी डाल के बनावे पर 5 — 10 मिनट; उबाले पर धीमी आँच पर 5 — 15 मिनट।
*   **पानी डालाई:** साबुत दाना 2 — 3 बेर पानी डलवा सके ला; कुटल दाना आ पैकेट आमतौर पर एके बेर में स्वाद दे देवे लें।
*   **पैकेट:** 300 — 500 मिली पानी पर एगो फिल्टर-पैकेट, 3 — 5 मिनट खातिर रखीं।

उबाले के तरीका (煮, *zhǔ*): दाना के ठंढा पानी में डाल दिहल जाला, उबाल आवे तक ले ले जाइल जाला आ धीमी आँच पर रखल जाला — पेय ढेर गाढ़ आ सुगंधित बने ला। पानी डाल के बनावे के तरीका (泡, *pào*): दाना भा पैकेट पर उबलत पानी डाल के ढक के रख दिहल जाला। ठंढा परोसे खातिर, जे खासतौर पर जापानी मुगिचा के बिसेसता हवे, दाना भा पैकेट के ठंढा पानी के जग में डाल के कई घंटा खातिर (आमतौर पर रात भर) फ्रिज में रख दिहल जाला — अइसन करे से स्वाद कोमल, बिना कड़वाहट के होला। दामाइचा के गरम आ ठंढा दुनों रूप में, बिना चीनी के परोसल जा सके ला; चाहे त हल्का मीठा कइल जा सके ला।

**10. भंडारण:**

*   **स्थिति:** सूखल, अँधेर जगह, कस के बंद बर्तन, बाहरी गंध से दूर।
*   **अवधि:** भुनल दाना धीरे-धीरे आपन सुगंध खोवे ला; लगभग एक से डेढ़ साल ले रखल जा सके ला, लेकिन ताजा इस्तेमाल करे नीक रहे ला।
*   **खतरा:** नमी आ गंध सोख लेब, सुगंध खो देब, नम होखे पर — फफूँद; भंडार के कीड़ा संभव बा।

भुनल दाना नमी सोखे वाला होला आ आसानी से नमी आ बाहरी गंध सोख लेला, एही से एकरा हवाबंद कर के रखल जाला। नम जलवायु में खोलल पैकेट के फ्रिज में रखल उचित बा। नम भा फफूँद लागल दाना के इस्तेमाल ना करे के चाहीं।

**11. कीमत आ नकली:**

*   **थोक के अनुमान:** भुनल दाना खातिर करीब 70 ¥/किग्रा — इ सस्ता कच्चा माल बा; खुदरा ढेर होला आ पैकिंग आ रूप (पैकेट पैकिंग के कारण ढेर महँगा) पर निर्भर करे ला।
*   **अच्छा कच्चा माल कइसन लागे ला:** समान रूप से आ एक ढंग से भुनल दाना, एक्के रंग के, साफ, बिना ढेर कूड़ा-कचरा आ धूर के, साफ भुनल-ब्रेड जइसन गंध वाला।
*   **का मिलावट हो सके ला आ का देखे के बा:** "कोइला जइसन" जरावल दाना से पुरान भा घटिया कच्चा माल छुपावल जाला — तब पेय से जरे के गंध आवे ला; बसावल भा फफूँद लागल गंध (गलत भंडारण से खराबी आ बिसाक्तता के खतरा), ढेर टूटल दाना आ कूड़ा-कचरा के ढेरी, आ सस्ता अनाज के मिलावट से सचेत होखे के जरूरत बा।

जौ के चाय आपन-आप में सस्ता होला, एही से एकर नकली बहुत कम बने ला — समस्या अकसर गुणवत्ता के होला, ना कि नकली के। साबुत दाना के आँख आ गंध से परखल आसान होला, बनिस्बत फिल्टर-पैकेट के भीतर के चीज के, एही से आपूर्तिकर्ता पर शंका होखे पर साबुत दाना वाला विकल्प पर जोर देब ठीक रहे ला। दिहल गइल कीमत — थोक के परिमाण के क्रम बा, ना कि कवनो निश्चित खुदरा कीमत के वादा।

**12. रोचक तथ्य:**

*   कोरिया में बोरिचा अकसर साधारण पीये के पानी के जगह ले लेला — एकरा बड़ी मात्रा में बना के दिन भर पियल जाला।
*   जापान में मुगिचा — एगो चिन्हारी गर्मी के पेय हवे, जेकरा ठंढा क के बोतल में बेचल जाला आ जग भर के पियल जाला।
*   कैफीन के कमी दामाइचा के एगो सुविधाजनक "पारिवारिक" पेय बनावे ला — एकरा शाम में आराम से पियल जा सके ला।
*   दाना के भुनाई के तर्क कॉफी भुनाई के करीब बा: इहाँ-ओहाँ दुनों जगह स्वाद आ रंग माइलार प्रतिक्रिया से पैदा होला।
*   बिधा के हिसाब से दामाइचा — चीनी तातारी कुट्टू के पेय (苦荞茶, *kǔqiáo chá*) के रिस्तेदार हवे: दुनों कैफीन रहित भुनल अनाज के चाय विकल्प सभ के परिवार के प्रतिनिधित्व करे लें।
*   जौ के पेय के जापानी गेनमाइचा (玄米茶) से भ्रमित ना करे के चाहीं — ओहमें भुनल चावल के साथे असली हरियर चाय होला, जबकि दामाइचा में चाय के पत्ती बिल्कुल ना होला।
*   जौ के भुनल मकई के साथे मिलावट भी मिले ला, जे पेय के अउरी मिठास दे देला।

**निष्कर्ष में:**

जौ के चाय — इ एगो ईमानदार आ ब्यवहारिक पेय हवे, जेकर बाहरी सादगी के बावजूद आपन एगो संस्कृति आ तकनीक बा। एकर गुण असली चाय के नकल करे में ना बा, बलुक ओह चीज में बा जे चाय में ना होला: कैफीन आ कसैलापन रहित कोमल भुनल स्वाद, बनावे में आसानी आ गरम आ ठंढा दुनों रूप में समान रूप से उपयुक्त। एही से पूरबी एशिया में इ रोजमर्रा के पेय के अस्थान ले लेले बा — कोरियाई "स्वाद वाला पानी" से ले के जापानी गर्मी के जग आ चिकनाहट भोजन के चीनी साथी तक।

दामाइचा के 代用茶 (*dàiyòng chá*) के बिसाल परिवार के एगो स्वतंत्र प्रतिनिधि के रूप में देखल ठीक होई, ना कि नकल के रूप में। इ Camellia sinensis से संबंधित ना बा आ एकर दावा भी ना करे ला, लेकिन एकर एगो पहिचानल जाए वाला चरित्र, भुनाई के साफ तकनीक आ पीये के स्पष्ट नियम बा। चुनाव करत समय दाना के भुनाई के सफाई आ एकरूपता पर आ बसावल गंध के कमी पर ध्यान देबे के चाहीं, आ बनावत समय — सरल अनुपात पर भरोसा करीं आ भुनाई के डिग्री आ ठंढा बनावे के साथे प्रयोग करे से ना डेराईं।
